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Ahmedabad Plane Crash: हादसे से ठीक पहले पायलट ने की थी Mayday कॉल, क्या होता है ये?

Ahmedabad Plane Crash: Mayday कॉल एक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन संकेत है जिसका उपयोग हवाई जहाज, जहाजों या किसी भी वाहन में गंभीर खतरे की स्थिति में किया जाता है, जब जीवन या संपत्ति को तत्काल खतरा हो

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jun 12, 2025 पर 5:54 PM
Ahmedabad Plane Crash: हादसे से ठीक पहले पायलट ने की थी Mayday कॉल, क्या होता है ये?
Mayday कॉल की शुरुआत एक अंतरराष्ट्रीय संकट कॉल के रूप में 1923 में हुई थी

Mayday call: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के प्लेन हादसे के बाद 'मेडे' (Mayday) शब्द की खूब चर्चा हो रही है। दरअसल ये बात सामने आ रही है कि लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक पहले पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को 'मेडे' (Mayday) कॉल किया था।' यह एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग दुनिया भर में किसी भी प्रकार के गंभीर खतरे को लेकर रेडियो कम्युनिकेशन के माध्यम से संपर्क करने के लिए किया जाता है। 'Mayday' कॉल का उपयोग आमतौर पर किसी जहाज या हवाई जहाज पर आपातकालीन परिस्थिति में किया जाता है।

इसकी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, 'मेडे' संकट संकेत को लगातार तीन बार बोला जाता है- मेडे! मेडे! मेडे! ताकि शोर-शराबे वाली स्थितियों में इसे स्पष्ट समझा जा सके। किसी संकट को लेकर की जाने वाली कॉल 'मेडे' को तीन बार दोहराने से शुरू होती है, जिसके बाद पायलट द्वारा सभी जानकारी साझा की जाती है।

साल 1923 में हुई थी शुरुआत

'मेडे' की शुरुआत एक अंतरराष्ट्रीय संकट कॉल के रूप में 1923 में हुई थी। इसे 1948 में आधिकारिक बनाया गया था। यह लंदन के क्रॉयडन हवाई अड्डे पर एक वरिष्ठ रेडियो अधिकारी फ्रेडरिक मॉकफोर्ड का विचार था। उन्होंने 'मेडे' का विचार इसलिए दिया क्योंकि यह फ्रांसीसी शब्द m'aider (एम-एदे) जैसा लगता था, जिसका अर्थ है 'मेरी मदद करो'।

Mayday कॉल करने पर क्या होता है?

'मेडे' (Mayday) कॉल एक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन संकेत है जिसका उपयोग हवाई जहाज, जहाजों या किसी भी वाहन में गंभीर खतरे की स्थिति में किया जाता है, जब जीवन या संपत्ति को तत्काल खतरा हो। यह एक मौखिक संकेत है जिसे रेडियो संचार के माध्यम से तीन बार दोहराया जाता है (मेडे, मेडे, मेडे), ताकि भ्रम से बचा जा सके और स्पष्टता बनी रहे। इसे केवल तभी इस्तेमाल किया जाता है जब तत्काल सहायता की आवश्यकता हो, जैसे इंजन फेलियर, आग, गंभीर यांत्रिक खराबी, या जब विमान/जहाज गिरने वाला हो। 'मेडे' कॉल भेजने के बाद, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) या अन्य बचाव एजेंसियां तुरंत मदद के लिए कदम उठाती हैं।

वैसे 'मेडे' कॉल को हल्के में नहीं लेना चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में झूठा Mayday कॉल करना अवैध है। ऐसा करने पर आपको छह साल तक की जेल और $250,000 का जुर्माना हो सकता है।

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