PATHIK Software: क्या है पथिक सॉफ्टवेयर? अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने UIDAI से किया करार, अब गुजरात में होगा डिजिटल वेरिफिकेशन

PATHIK Software: अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच भारत की पहली ऐसी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी बन गई है जिसने आधार-इनेबल्ड गेस्ट वेरिफिकेशन के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के साथ ऑफिशियल एग्रीमेंट किया है। यह करार बुधवार (28 जनवरी) को हुआ

अपडेटेड Jan 28, 2026 पर 8:18 PM
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PATHIK Software: अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने UIDAI के साथ एक ऑफिशियल एग्रीमेंट किया है

PATHIK Software: अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच देश की पहली ऐसी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी बन गई है जिसने आधार-इनेबल्ड गेस्ट वेरिफिकेशन के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के साथ ऑफिशियल एग्रीमेंट किया है। यह करार बुधवार (28 जनवरी) को हुआ।

इससे आधार ऐप (Aadhaar App) को PATHIK (प्रोग्राम फॉर एनालिसिस ऑफ ट्रैवलर एंड होटल इन्फॉर्मेटिक्स) एप्लिकेशन के साथ इंटीग्रेट किया गया है। यह 'स्मार्ट पुलिसिंग' सिस्टम में एक बड़ी छलांग है। इस पहल की टेक्निकल बेहतरीन क्वालिटी और प्रैक्टिकल उपयोगिता ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पहचान दिलाई है।

कई आवेदकों में से अधिकारियों ने सिर्फ 11 एजेंसियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी टेक्नोलॉजिकल उपयोगिता दिखाने के लिए चुना है। खास बात यह है कि PATHIK सॉफ्टवेयर इस खास ग्रुप में चुने जाने वाला एकमात्र लॉ एनफोर्समेंट प्रोजेक्ट है। यह उपब्लधि सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को मॉडर्नाइज करने में इसकी अनोखी भूमिका को दिखाता है।


अपग्रेड किया गया PATHIK सिस्टम गुजरात के होटलों, PG और होमस्टे को सहमति-आधारित QR-कोड स्कैनिंग प्रोसेस के जरिए मेहमानों की पहचान तुरंत डिजिटल वेरिफिकेशन कर वेरिफाई करने की सुविधा देता है। यह मॉडल नागरिकों की प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है।

हालांकि, इस सिस्टम में कोई आधार नंबर स्टोर नहीं होगा। इसके बजाय, यह सॉफ्टवेयर वेरिफिकेशन के लिए सुरक्षित, डिजिटल रूप से साइन किए गए डेमोग्राफिक्स और तस्वीरों का इस्तेमाल करता है। 2017 में शुरू होने के बाद से 'पथिक' एक लोकल पहल से पूरे राज्य में सफल हो गया है। इसमें अभी गुजरात में 9,000 से अधिक होटल जुड़े हुए हैं।

इस सिस्टम ने पहले ही जमीनी स्तर पर गहरा असर दिखाया है। इसने 50 से अधिक लापता लोगों को ढूंढने और अवैध प्रवासियों की पहचान करने में मदद की है। यह नया आधार इंटीग्रेशन पथिक को सुरक्षित, पेपरलेस और पारदर्शी गेस्ट मॉनिटरिंग के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के तौर पर और मजबूत बनाता है।

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