Ankush Bharadwaj: कौन है अंकुश भारद्वाज? 17 साल की महिला शूटर ने लगाए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप

Ankush Bharadwaj: हरियाणा पुलिस ने 17 साल की नेशनल लेवल की महिला शूटर का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फरीदाबाद के महिला पुलिस स्टेशन में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस (POCSO) एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 2:32 PM
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Ankush Bharadwaj: हरियाणा पुलिस ने टीनएज शूटर के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में नेशनल कोच अंकुश भारद्वाज के खिलाफ केस दर्ज किया है

Ankush Bharadwaj: नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने शूटिंग कोचिंग स्टाफ के एक प्रमुख सदस्य अंकुश भारद्वाज को निलंबित कर दिया है। एक नाबालिग निशानेबाज ने उन पर पिछले महीने राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। NRAI ने पुष्टि की है कि फरीदाबाद में भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मोहाली निवासी भारद्वाज पर POCSO एक्ट की धारा छह (गंभीर यौन उत्पीड़न) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (धमकी देने से संबंधित) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

NRAI के सचिव राजीव भाटिया ने पीटीआई को बताया, "भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने उन्हें निलंबित कर दिया है। हम उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे।" उन्होंने कहा, "उन्हें नैतिक आधार पर निलंबित किया गया है। अब उन्हें खुद को निर्दोष साबित करना होगा। जांच पूरी होने तक वह किसी भी तरह की कोचिंग गतिविधि से नहीं जुड़े रहेंगे।"

भाटिया ने कहा कि एनआरएआई ने 2024 में पेरिस ओलिंपिक के बाद 37 सदस्यीय कोचिंग टीम में भारद्वाज को स्थान देने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा, "एनआरएआई की सिफारिश पर ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) ने उन्हें कोच नियुक्त किया था। यह सूरजकुंड में हुई यौन उत्पीड़न की घटना है।"

पीड़िता ने क्या लगाया है आरोप?

पीड़िता ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसके अनुसार, पिछले महीने करणी सिंह रेंज में एक प्रैक्टिस सेशन के बाद यह घटना घटी थी। पिछले साल अगस्त से भारद्वाज के साथ ट्रेनिंग ले रही इस युवा निशानेबाज ने बताया कि वह इस घटना से सदमे में है। उन्होंने बार-बार पूछे जाने पर एक जनवरी को अपनी मां को इसकी जानकारी दी। अपनी एफआईआर में 17 वर्षीय खिलाड़ी ने आरोप लगाया है कि भारद्वाज उसे मोहाली, पटियाला, देहरादून और दिल्ली जैसे स्थानों पर ट्रेनिंग के लिए बुलाते थे। लेकिन वह हमेशा उसी दिन घर लौट आती थी।

पीड़िता ने कहा कि घटना वाले दिन वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए टैक्सी से अकेले ही करणी सिंह रेंज गई थी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद जब वह घर जा रही थी, तो कोच ने उसे अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए रुकने को कहा।


इस युवा खिलाड़ी ने अपनी शिकायत में बताया कि कोच ने पहले उसे फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में एक होटल की लॉबी में मिलने के लिए कहा। लेकिन वहां पहुंचने पर कोच ने कथित तौर पर उसे अपने कमरे में आने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि उसके प्रदर्शन को लेकर अधिक गहन चर्चा करने की जरूरत है।

पीड़ित खिलाड़ी ने बताया, "कोच ने मुझे लिफ्ट वाले एरिया में आने को कहा। जब मैं लिफ्ट वाले एरिया में गई तो कोच ने मुझसे कहा कि उन्होंने यहां एक कमरा बुक किया है। इसलिए मेरे कमरे में आ जाओ। मैं तुमसे वहां खेल के बारे में बात करूंगा।"

उन्होंने फिजियोथेरेपी तकनीक का जिक्र करते हुए कहा, "वह मुझे तीसरी मंजिल पर एक कमरे में ले गए और मैच के बारे में चर्चा की। कुछ देर बाद मैंने सर से कहा कि मैं घर जाना चाहती हूं। लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि वह मेरी पीठ की हड्डी चटका (एक तरह का व्यायाम) देंगे।"

कोच पर धमकी देने का आरोप?

पीड़िता ने एफआईआर में बताया, "मैंने तुरंत इनकार कर दिया लेकिन इसके बावजूद सर ने मुझे जबरदस्ती पेट के बल लिटाया और मेरा यौन उत्पीड़न किया। जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने मुझे धमकी दी।"

उन्होंने कहा, "कोच ने मुझे धमकी दी कि मैं इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताऊं वरना वह मेरे पेशेवर करियर को बर्बाद कर देगा। इस घटना के बाद मैं बहुत डर गई और मैंने किसी को कुछ नहीं बताया।"

इस खिलाड़ी में बताया कि घटना के बाद उनके व्यवहार में बदलाव देखकर जब उसकी मां ने बार-बार उससे पूछा, तब जाकर उसने आखिरकार सब कुछ बताया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।

कौन है अंकुश भारद्वाज?

पूर्व पिस्टल निशानेबाज अंकुश भारद्वाज को अपने करियर के दौरान बीटा-ब्लॉकर के इस्तेमाल के लिए 2010 में डोपिंग प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था। निशानेबाजी, तीरंदाजी और बिलियर्ड्स के खिलाड़ियों के लिए बीटा-ब्लॉकर प्रतिबंधित हैं। क्योंकि यह दिल की धड़कन, मांसपेशियों में कंपन और चिंता को कम करने में मदद करते हैं।

भारद्वाज अंबाला के रहने वाले हैं। उन्होंने 2005 में NCC (नेशनल कैडेट कॉर्प्स) कैंप में शूटिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने देहरादून में जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग एंड स्पोर्ट्स में एडमिशन लिया। जसपाल के छोटे भाई सुभाष राणा से कोचिंग ली थी।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, भारद्वाज ने 2007 में आगरा में ऑल-इंडिया GV मावलंकर शूटिंग प्रतियोगिता में तीन गोल्ड मेडल जीते थे। एक साल बाद उन्होंने पुणे में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में 50 मीटर पिस्टल में गोल्ड जीता। 2010 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा बीटा ब्लॉकर के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद शूटिंग में उनका करियर अचानक रुक गया।

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बैन खत्म होने के बाद, भारद्वाज ने 2012 में वापसी की और 2016 में हनोवर में इंटरनेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। इस दौरान उन्होंने 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल टीम इवेंट में देश को गोल्ड जीतने में मदद की। शूटर के तौर पर करियर छोड़ने के बाद भारद्वाज ने कोचिंग पर ध्यान देना शुरू किया। वह मोहाली में साल्वो शूटिंग रेंज चलाते हैं। उनकी शादी दो बार की ओलंपिक शूटर अंजुम मौदगिल से हुई है।

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