कौन है अमेरिकी स्पेशल सर्विस का कमांडो, जिसे भारत-नेपाल बॉर्डर से किया गया अरेस्ट, गहराया सस्पेंस

पुलिस के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन संदिग्ध परिस्थितियों में भारत में घूम रहा था। उसे उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास उस समय पकड़ा गया, जब वह कथित तौर एक इलीगल रास्ते से नेपाल में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन को भारत-नेपाल सीमा पर तय इमिग्रेशन मार्ग से दूर, सोनौली कोतवाली क्षेत्र की भगवानपुर पुलिस चौकी के पास बॉर्डर पिलर नंबर 516 के नजदीक पकड़ा गया

अपडेटेड Jul 14, 2026 पर 10:38 AM
'70 देशों की यात्रा' के बाद भारत-नेपाल बॉर्डर पर बिना पासपोर्ट के पकड़ा गया

भारत-नेपाल सीमा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर नेपाल की ओर भाग रहे एक अमेरिकी नागरिक को पकड़ा है। पूछताछ में इस विदेशी ने अपना नाम जॉर्डन ब्राउन बताया है. जॉर्डन के पास से लीगल वीजा या पासपोर्ट नहीं मिला है। अमेरिका का रहने वाला जॉर्डन ब्राउन के वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में SSB के जवान और ग्रामीण जॉर्डन को घेरे हुए ले जा रहे थे। इस दौरान उसने कैमरे की तरफ देखा, लेकिन चारों ओर भीड़ होने के बावजूद उसके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट नहीं दिखी। हालांकि, इस वीडियो के पीछे की कहानी कहीं ज़्यादा गंभीर है।

बॉर्डर के पास संदिग्ध हालत में मिला

पुलिस के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन संदिग्ध परिस्थितियों में भारत में घूम रहा था। उसे उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास उस समय पकड़ा गया, जब वह कथित तौर एक इलीगल रास्ते से नेपाल में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन को भारत-नेपाल सीमा पर तय इमिग्रेशन मार्ग से दूर, सोनौली कोतवाली क्षेत्र की भगवानपुर पुलिस चौकी के पास बॉर्डर पिलर नंबर 516 के नजदीक पकड़ा गया। गश्त कर रहे सुरक्षा जवानों ने उसे सीमा की ओर जाते देखा और रुकने का इशारा किया। पुलिस का कहना है कि रुकने के बजाय उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे कुछ ही देर में पकड़ लिया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।


70 देशों की कर चुका है यात्रा

शुरुआती जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि उसके पास न तो पासपोर्ट था, न वीज़ा और न ही कोई अन्य पहचान पत्र। पूछताछ के दौरान भी उसने अपनी पहचान, यात्रा और भारत आने के मकसद को लेकर अलग-अलग बयान दिए। इसी वजह से पुलिस और खुफिया एजेंसियों का शक और गहरा हो गया और उसके दावों की विस्तार से जांच शुरू कर दी गई। सोनौली थाने के प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने बताया कि जॉर्डन ब्राउन ने खुद को अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य का रहने वाला बताया। उसने यह भी दावा किया कि वह अब तक करीब 70 देशों की यात्रा कर चुका है। उसके मुताबिक, वह मई महीने में इंडोनेशिया के बाली द्वीप से भारत आया था। अगर उसका दावा सही है, तो वह बिना पासपोर्ट के करीब दो महीने तक भारत में कैसे रहा, यह अब जांच का सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

अमेरिकी नेवी के स्पेशल फोर्स में कर चुका है काम

पूछताछ के दौरान जॉर्डन ब्राउन ने कई ऐसे दावे किए, जिनकी अब जांच की जा रही है। उसने बताया कि उसने अमेरिका की कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है। साथ ही यह भी दावा किया कि वह करीब छह साल तक अमेरिकी नौसेना और स्पेशल फोर्स में रहा और लगभग दो साल पहले नौकरी छोड़ दी थी। ब्राउन ने पुलिस को यह भी बताया कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।

हालांकि, भारत में उसकी यात्रा को लेकर उसके बयान बार-बार बदलते रहे। उसने एक बार कहा कि वह करीब दो महीने पहले अमेरिका से गोवा आया था और वहां लगभग छह सप्ताह तक रुका। इसके बाद वह बेंगलुरु गया। फिर 8 जुलाई को बेंगलुरु से बस के जरिए लखनऊ पहुंचा, वहां से गोरखपुर गया और बाद में टैक्सी लेकर सोनौली सीमा तक पहुंचा। पूछताछ में उसने यह भी दावा किया कि वह नेपाल में रहने वाले "नाज" नाम के एक व्यक्ति से मिलने जा रहा था। उसके अनुसार, नाज से उसकी दोस्ती गोवा में हुई थी और वह नेपाल का रहने वाला है। ब्राउन ने एक और दावा करते हुए कहा कि उसका पासपोर्ट बेंगलुरु में रहने वाले उसके एक परिचित के पास है।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

अधिकारियों के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन जिन लोगों से मिलने की बात कह रहा था, उनके बारे में वह कोई पक्का पता या ऐसी जानकारी नहीं दे सका, जिससे उसके दावों की तुरंत पुष्टि की जा सके। पूछताछ के दौरान उसने एक और दावा किया कि करीब तीन साल पहले उसकी मुलाकात इटली में उत्तराखंड की रहने वाली एक भारतीय महिला से हुई थी। ब्राउन के अनुसार, दोनों ने अक्टूबर 2024 में शादी की थी। उसने यह भी बताया कि उसकी पत्नी योग इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम करती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान ब्राउन बार-बार अपने बयान बदलता रहा। कभी उसने अपनी यात्रा का रास्ता बदला, तो कभी अपने आने-जाने और पहचान से जुड़ी अलग-अलग बातें बताईं। यही वजह है कि जांच एजेंसियां उसके हर दावे और पूरी यात्रा की अलग-अलग तरीके से पुष्टि कर रही हैं। फिलहाल पुलिस ने जॉर्डन ब्राउन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही, इस मामले की जानकारी अमेरिका के दूतावास को भी दे दी गई है।

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