झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में शुक्रवार को विधानसभा की ओर निकाले गए मार्च के दौरान एक व्यक्ति ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंक दी और उन पर "राष्ट्र-विरोधी" होने का आरोप लगाया। बता दें कि यह घटना बिरसा चौक के पास तब घटी जब दो छात्र संगठनों - AISA और AISF के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे।
मैं डरने वाली नहीं हूं- नेहा बोरा
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बोरा ने कहा, "मैं स्याही फेंके जाने से डरने वाली नहीं हूं, क्योंकि दिल्ली में हुए प्रदर्शन में मैंने पेलेट गन फायरिंग और लाठीचार्ज का सामना किया था।" AISA की नेता शिवानी ने कहा, "हम शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे। अचानक भीड़ में से एक व्यक्ति निकला और उसने बोरा पर स्याही फेंक दी।" उन्होंने आरोप लगाया कि वह व्यक्ति भाजपा समर्थित गुंडा था।
एक अधिकारी ने बताया कि स्याही फेंकने वाले व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
मीडिया से बात करते हुए उस व्यक्ति ने कहा, "बोरा उमर खालिद की समर्थक हैं। मुझे वह पसंद नहीं हैं। वह राष्ट्र-विरोधी हैं।"
स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए खड़े रहेंगे
नेहा ने मांग करते हुए कहा कि सिस्टम में शामिल जिन पर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन सभी प्राइवेट एजेंसियों को हटाया जाना चाहिए। हम 10 तारीख को स्टूडेंट्स की अपील का सपोर्ट करेंगे और स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए खड़े रहेंगे।
दिल्ली में नेहा बोरा के साथ राहुल गांधी की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
बता दें कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर शनिवार, 25 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उनके साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत वो छात्राएं भी मौजूद रहीं, जो जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठी थीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि छात्रों पर हुए हमले के लिए प्रधानमंत्री मोदी को माफी मांगनी चाहिए। अपने भाषण में राहुल ने छात्रों को देश का भविष्य बताया और प्रधानमंत्री मोदी को भारत का ‘अतीत’।
वहीं, इसके बाद लेफ्ट संगठन AISA से जुड़ी और जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठी नेहा ने भी पत्रकारों से बात की। उन्होंने राहुल गांधी के बातों का समर्थन किया और उसे अच्छा बताया।