Japan PM Sanae Takaichi: भारत और जापान के बीच हमेशा से ही गहरे और मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। लेकिन नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान यह रिश्ता एक नए और बेहद आत्मीय मोड़ पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को अपनी ‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया।
पीएम मोदी ने ताकाइची को एक दूरदर्शी और 'जापान फर्स्ट प्रधानमंत्री' बताया। वैश्विक मंच पर जब चीन की आक्रामकता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, ऐसे में एक महिला नेता के हाथ में जापान की कमान होना और भारत के साथ उनका यह तालमेल बेहद अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची आखिर कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है।
सनाए ताकाइची का जन्म 1961 में जापान के नारा प्रांत में हुआ था। वह जापान की राजनीति में एक बेहद कद्दावर, प्रखर और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जानी जाती हैं। जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) से जुड़ी ताकाइची ने रूढ़िवादी और पुरुष-प्रधान माने जाने वाले जापानी राजनीतिक परिदृश्य में अपनी एक अलग और बेहद मजबूत पहचान बनाई है। वह जापान के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बेहद करीबी और उनकी नीतियों की प्रबल समर्थक रही हैं।
रॉक बैंड से लेकर पीएम की कुर्सी तक का सफर
ताकाइची की शख्सियत काफी दिलचस्प और बहुआयामी है। राजनीति में आने से पहले अपने कॉलेज के दिनों में वह एक हेवी मेटल रॉक बैंड में ड्रम बजाती थीं और उन्हें मोटरबाइक्स चलाने का बेहद शौक रहा है। उन्होंने कोबे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और बाद में प्रतिष्ठित 'मात्सुशिता इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंट एंड मैनेजमेंट' से राजनीति की बारीकियां सीखीं। उन्होंने अमेरिका में कांग्रेसनल फेलो के रूप में भी काम किया है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति का गहरा अनुभव मिला।
जापान की राजनीति में 'आयरन लेडी' की छवि
सनाए ताकाइची को जापान की 'आयरन लेडी' भी कहा जाता है। वह अपनी स्पष्टवादिता और मजबूत आर्थिक व रक्षा नीतियों के लिए जानी जाती हैं। वह जापान की सैन्य ताकत को मजबूत करने और रक्षा बजट को बढ़ाने की वकालत करती रही हैं। शिंजो आबे की तरह ही वह भी 'इकोनॉमिक्स' और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक के विजन को आगे बढ़ा रही हैं।
पीएम मोदी से जुड़ाव और भारत-जापान का नया अध्याय
शिखर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सनाए ताकाइची की यह भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रही है। दोनों देशों ने साफ संकेत दिया है कि उनकी यह ऐतिहासिक साझेदारी अब केवल व्यापार और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भारत और जापान मिलकर रक्षा, अत्याधुनिक तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम और रणनीतिक मोर्चों पर एक साथ मिलकर कदम बढ़ाएंगे।