Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar : कौन हैं 10 साल के श्रवण सिंह? जिसने ऑपरेशन सिंदूर में की थी सेना की मदद

श्रवण पंजाब के फिरोजपुर जिले का रहने वाला है। वो सीमा पर गांव 'चक तरां वाली' का है। श्रवण, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बार-बार भारतीय सेना के जवानों की मदद करता रहा। जब सैनिक हाई अलर्ट पर आगे की चौकियों पर तैनात थे, तब यह छोटा सा बच्चा उनके लिए जरूरी सामान पहुंचाने को अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारी बना चुका था

अपडेटेड Dec 26, 2025 पर 10:32 PM
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20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar: आज देश के विभिन्न राज्य के 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार उन्हें उनकी वीरता दिखाने के लिए दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित होने में होने वाले बच्चों की लिस्ट में एक नाम श्रवण सिंह की भी है। श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में बड़ी ही बहादुरी के साथ भारतीय सेना के जवानों की मदद की थी।

ऑपरेशन सिंदूर में की थी सेना की मदद

श्रवण पंजाब के फिरोजपुर जिले का रहने वाला है। वो सीमा पर गांव 'चक तरां वाली' का है। श्रवण, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बार-बार भारतीय सेना के जवानों की मदद करता रहा। जब सैनिक हाई अलर्ट पर आगे की चौकियों पर तैनात थे, तब यह छोटा सा बच्चा उनके लिए जरूरी सामान पहुंचाने को अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारी बना चुका था। उसकी यह छोटी उम्र में दिखाई गई बड़ी हिम्मत सबके लिए प्रेरणा बन गई।


उन दिनों को याद करते हुए श्रवण ने कहा कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसके छोटे से काम के लिए उसे देश स्तर पर सम्मान मिलेगा। ANI से बात करते हुए उसने बताया, “जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो सैनिक हमारे गांव आए। मुझे लगा कि मुझे उनकी मदद करनी चाहिए। मैं रोज़ उनके लिए दूध, चाय, छाछ और बर्फ ले जाता था। आज यह पुरस्कार पाकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा सम्मान मिलेगा।”

उस वक्त हालात बिल्कुल सामान्य नहीं थे। सीमा पर तनाव था और हालात और बिगड़ने का डर बना हुआ था, इसलिए आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। इन खतरों के बावजूद श्रवण ने सैनिकों की मदद करना नहीं छोड़ा। इतनी कम उम्र में दिखाई गई उसकी यह शांत और सच्ची हिम्मत कई बड़ों के लिए भी मिसाल बन गई।

आप नेता ने की तारीफ

आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने श्रवण के कामों की जमकर तारीफ की और कहा कि इतनी कम उम्र में उसने असाधारण साहस दिखाया है। उन्होंने बताया कि श्रवण ने जोखिम भरी सीमा चौकियों पर तैनात सैनिकों को पानी, दूध और चाय पहुंचाई और “वहां डटा रहा, जहां कई बड़े लोग भी हिचकिचाते हैं।” राघव चड्ढा ने कहा कि श्रवण का उदाहरण यह साबित करता है कि “देशभक्ति उम्र से नहीं, बल्कि कामों से पहचानी जाती है।”

बता दें कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने सात अलग-अलग क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा या साहस दिखाया हो। इनमें बहादुरी, समाज सेवा, इनोवेशन, खेल, पर्यावरण, विज्ञान और तकनीक, और कला व संस्कृति शामिल हैं। श्रवण को यह सम्मान एक खतरनाक और अस्थिर हालात में बिना डरे सैनिकों की सेवा करने के लिए चुना गया। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को हुई थी। यह कार्रवाई पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद की गई, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर एक साथ सटीक हमले किए।

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