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Swiss Bank: दुनिया भर की सख्ती, फिर भी स्विस बैंक में क्यों और कैसे बढ़ रहा भारतीयों का पैसा?

Indian money in Swiss banks: 2024 में स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा तीन गुना बढ़कर ₹37,600 करोड़ पहुंच गया। अधिकतर रकम अन्य बैंकों व ट्रस्ट के जरिए जमा हुई। जानिए दुनिया भर की सख्ती के बावजूद स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा क्यों और कैसे बढ़ रहा है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jun 20, 2025 पर 4:17 PM
Swiss Bank: दुनिया भर की सख्ती, फिर भी स्विस बैंक में क्यों और कैसे बढ़ रहा भारतीयों का पैसा?
स्विस बैंक में अक्सर फिड्युशियरी अकाउंट्स होते हैं, जिनमें असली मालिक का नाम छिपा रहता है।

Swiss Bank: पिछले साल यानी 2024 में स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों की जमा रकम तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है। स्विस नेशनल बैंक (SNB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों के फंड्स 2023 के 1.04 बिलियन स्विस फ्रैंक (CHF) से बढ़कर 2024 में CHF 3.54 बिलियन (लगभग ₹37,600 करोड़) हो गए। यह 2021 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है, जब भारतीयों का फंड्स 3.83 बिलियन स्विस फ्रैंक तक पहुंचा था।

स्विस बैंक में किस तरह जमा है भारत का पैसा?

स्विस नेशनल बैंक (SNB) के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय ग्राहकों की कुल जमा राशि 3,545.54 मिलियन स्विस फ्रैंक यानी लगभग 37,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो कई तरह के फाइनेंशियल चैनलों में फैली हुई है। इसमें से 3.02 अरब फ्रैंक अन्य बैंकों के जरिये रखे गए हैं, जबकि 346 मिलियन सीधे ग्राहक खातों में जमा हैं।

इसके अलावा, 41 मिलियन फ्रैंक ट्रस्ट या फिड्युशियरी माध्यमों (Fiduciary Services) से और 135 मिलियन फ्रैंक बॉन्ड्स और सिक्योरिटीज में लगाए गए हैं। इस बढ़ोतरी की वजह से भारत की रैंक 2023 में 67वें स्थान से सुधरकर 2024 में 48वें स्थान पर पहुंच गई है, हालांकि यह अब भी 2022 की 46वीं रैंक से थोड़ा नीचे है।

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