Fact Check: सोशल मीडिया पर एक नोटिफिकेशन शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे में 30,000 से अधिक पदों पर भर्ती निकली है। सोशल मीडिया पर एक नोटिफिकेशन वायरल हो रहा रहा है। इसमें दावा किया गया है कि रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) प्रयागराज ने CEN संख्या 03/2025–04/2025 के तहत 30,307 ग्रेजुएट स्तर के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इसमें कहा गया है कि आवेदन प्रक्रिया 30 अगस्त से 29 सितंबर तक चलेगी। इस खबर ने रेलवे की भर्तियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों में उत्साह भर दिया।
हालांकि, RRB प्रयागराज ने अब स्पष्ट किया है कि यह नोटिफिकेशन पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है। RRB प्रयागराज ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई भर्ती अधिसूचना जारी नहीं की गई है। वायरल पोस्ट में उल्लिखित CEN संख्याएं 03/2025 और 04/2025, फर्जी हैं। बोर्ड ने उम्मीदवारों से सतर्क रहने और ऐसी गलत सूचनाओं पर विश्वास न करने का आग्रह किया है।
आरआरबी ने सभी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को भर्ती संबंधी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी है। उसने कहा कि कोई भी वैध अधिसूचना केवल भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइटों पर ही प्रकाशित की जाएगी।
उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए?
वायरल मैसेज, असत्यापित पीडीएफ़ या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने से बचें।
फर्जी व्यक्तियों या वेबसाइटों के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें या कोई शुल्क न दें।
यदि आपको कोई धोखाधड़ी वाली वेबसाइट या ऐसा दावा करने वाला व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।
रेल दुर्घटनाओं में भारी कमी
इस बीच, सरकार ने कहा है कि भारतीय रेलवे सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। समय-समय पर किए गए सुरक्षा उपायों के चलते ट्रेन हादसों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा को यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2014-15 में जहां 135 हादसे हुए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर 31 रह गई और 2025-26 में जून 2025 तक में केवल तीन हादसे दर्ज किए गए हैं।
वैष्णव ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के दौरान कुल 1,711 ट्रेन हादसे हुए थे, यानी वार्षिक औसत 171 हादसे, जो अब घटकर रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा कई कदम उठाए गए हैं। इसके तहत 6,635 स्टेशनों पर इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इससे पॉइंट और सिग्नल के जरिए मानवीय त्रुटियों से होने वाले हादसों में कमी आई है।
उन्होंने बताया कि 11,096 लेवल क्रॉसिंग गेट्स पर इंटरलॉकिंग की सुविधा प्रदान की गई है। इससे रेल फाटकों पर सुरक्षा बढ़ी है। इसके साथ ही 6,640 स्टेशनों पर ट्रैक सर्किटिंग की गई है ताकि ट्रैक पर ट्रेन की उपस्थिति की पुष्टि इलेक्ट्रॉनिक रूप से की जा सके। जुलाई 2020 में राष्ट्रीय ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के रूप में अपनाई गई 'कवच' तकनीक को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। यह अब तक कई मार्गों में लागू हो चुकी है और दिल्ली-मुंबई एवं दिल्ली-हावड़ा रूट पर इसके लिए काम जारी है।
वैष्णव ने बताया कि सभी इंजनों में 'विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस' लगाए गए हैं ताकि लोको पायलटों की सतर्कता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि कोहरे के मौसम में कम विजिबिलिटी के दौरान चालक दल को सतर्क करने के लिए ओएचई मास्ट पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव सिग्मा बोर्ड लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए जीपीएस आधारित 'फॉग सेफ्टी डिवाइस' कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में लोको पायलटों को दिए गए हैं। इससे वे सिग्नल और लेवल क्रॉसिंग गेट जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की दूरी जान सकते हैं।