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UP Teacher Recruitment 2026: यूपी में सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में भरे जाएंगे 23,899 पद

UP Teacher Recruitment 2026: यूपी में सहायता प्राप्त माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के मामले ने रफ्तार पकड़ ली है। स्कूलों में 23,899 पदों पर भर्ती के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन भी भेज दिया गया है। आयोग जल्द ही इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 22, 2026 पर 7:30 AM
UP Teacher Recruitment 2026: यूपी में सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में भरे जाएंगे 23,899 पद
उत्तर प्रदेश में 23,899 पदों पर नई दों शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।

UP Teacher Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में जल्द ही बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। राज्य के शिक्षा सेवा चयन आयोग को सहायता प्राप्त माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन भेज दिया गया है। इसके बाद से समझा जा रहा है कि राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द रफ्तार पकड़ सकती है। उत्तर प्रदेश में 23,899 पदों पर नई दों शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। इसके तहत टीजीटी के 17740, पीजीटी के 2615 और सहायक अध्यापकों के 897 कुल 21252 रिक्त पदों का अधियाचन यूपीईएसएससी को भेज दिया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के ई-अधियाचन पोर्टल पर कुल 21252 रिक्त पदों का अधियाचन अपलोड कर दिया। इससे पहले शिक्षा निदेशालय ने एडेड हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के 1172 और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1475 पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजा था। इस प्रकार कुल 23899 पदों के रिक्त पदों की सूचना चयन आयोग को मिल चुकी है। आयोग पहले रिक्त पदों का परीक्षण करेगा और उसके बाद भर्ती का विज्ञापन जारी होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अधियाचन अपलोड होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है।

जल्द शुरू होगी भर्ती

प्रवक्ता और प्राइमरी अध्यापकों के अधियाचन अपलोड होने से इन पदों पर जल्द भर्ती की उम्मीद जगी है। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने में जुट सकता है। सूत्रों के अनुसार, चयन आयोग पहले टीजीटी-पीजीटी और अन्य पदों पर भर्ती शुरू करेगा। परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के खाली पद का कार्यभार संभाल रहे ऐसे सहायक अध्यापक जिन्होंने बकाया वेतन देने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की है उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा। याचिका दाखिल करने की तिथि से उन्हें पिछले तीन साल का बकाया वेतन एरियर के रूप में दिया जाएगा। इस संबंध में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि अगर किसी बीएसए द्वारा किसी याचिकार्ता शिक्षक को प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया हो। वहीं उस सहायक अध्यापक की ओर से प्रधानाध्यापक का वेतन प्राप्त करने के लिए बीएसए को प्रार्थना पत्र भी दिया गया हो। ऐसी स्थिति में बीएसए तथ्यात्मक रूप से जांच करेंगे कि क्या सहायक अध्यापक के रूप में शिक्षक ने पांच वर्ष का अनुभव पूरा कर लिया है? क्या वह वास्तव में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो याचिकाकर्ता को प्रधानाध्यापक के पद का बकाया वेतन याचिका करने की तारीख से अधिकतम तीन साल का ही दिया जाएगा। भले ही वह इससे ज्यादा समय से इस पद पर कार्य कर रहे हों।

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