आज की तेज भाग-दौड़ वाली जिंदगी में नींद, आराम और अच्छा खानपान हमसे दूर होते जा रहे हैं। ये सभी मिलकर हमारी सेहत पर खतरा बढ़ा रहे हैं। इसके कारण लोगों लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इसके साथ ही बढ़ रहे हैं सोते समय हार्ट अटैक के मामले। अक्सर सुनने में आता है कि सोते समय हार्ट अटैक आने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई। अब सोचने वाली बात ये है कि शरीद को आराम देने के लिए सोना तो बहुत जरूरी है। सोएंगे नहीं तो दिल और दिमाग की सेहत पर असर नहीं पड़ेगा। बात तो सही है, लेकिन फिर सोते समय हार्ट अटैक कैसे आ सकता है।
इस समस्या के लिए हमारी बेतरतीब लाइफस्टाइल सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। यह दिक्कत पहले से दिल की बीमारी का शिकार लोगों के लिए लगभग जानलेवा साबित होती है। इस बारे में मेट्रो हॉस्पिटल ऐंड कैंसर इंस्टिट्यूट नई दिल्ली में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ संजीव कुमार ने बताया कि कैसे दिल के मरीज सोते समय भी अपने दिल का ख्याल रख सकते हैं और उन्हें गंभीर स्थिति से बचा सकते हैं।
स्लीप एप्यानिया पर रखें नजर
ये ऐसी समस्या है जिसके बारे में अक्सर लोगों को पता ही नहीं होता कि, उन्हें ये बीमारी है। इस बीमारी में सोते समय शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है। बार-बार सांस रुकने लगती है। इससे ब्लडप्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। ये दिक्कत पहले से दिल के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है।
पैरॉक्सिसमल नॉक्टरनल डिप्निया
सोते समय बदलती है शरीर की स्थिति
सोते समय हमारा शरीर एक्टिव मोड से आराम यानी रेस्ट मोड में चला जाता है। ये बदलाव सामान्य लोगों के लिए कोई मायने नहीं रखता है। लेकिन पहले से दिल की बीमारी के मरीज के लिए ये ठीक नहीं है। ऐसे लोगों को इस दौरान दिल की धड़कन धीमी होने, लोग ब्लड प्रेशर और अनियमित सांस की परेशानी हो जाती है, जिससे उन्हें सोते में दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
इससे बचने में काम आ सकते हैं ये उपाय