सोते समय कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ये गलतियां, इन 3 कारणों से सोते समय होता है Heart Attack

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि सोते समय हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। ये उनके लिए और भी परेशानी की बात है, जो पहले से ही दिल के मरीज हैं। ऐसे लोगों को अपने सोने के रुटीन के बारे खास ध्यान रखना चाहिए। आइए इसके बारे में थोड़ा गहराई से समझें

अपडेटेड Jul 31, 2025 पर 4:26 PM

आज की तेज भाग-दौड़ वाली जिंदगी में नींद, आराम और अच्छा खानपान हमसे दूर होते जा रहे हैं। ये सभी मिलकर हमारी सेहत पर खतरा बढ़ा रहे हैं। इसके कारण लोगों लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इसके साथ ही बढ़ रहे हैं सोते समय हार्ट अटैक के मामले। अक्सर सुनने में आता है कि सोते समय हार्ट अटैक आने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई। अब सोचने वाली बात ये है कि शरीद को आराम देने के लिए सोना तो बहुत जरूरी है। सोएंगे नहीं तो दिल और दिमाग की सेहत पर असर नहीं पड़ेगा। बात तो सही है, लेकिन फिर सोते समय हार्ट अटैक कैसे आ सकता है।

इस समस्या के लिए हमारी बेतरतीब लाइफस्टाइल सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। यह दिक्कत पहले से दिल की बीमारी का शिकार लोगों के लिए लगभग जानलेवा साबित होती है। इस बारे में मेट्रो हॉस्पिटल ऐंड कैंसर इंस्टिट्यूट नई दिल्ली में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ संजीव कुमार ने बताया कि कैसे दिल के मरीज सोते समय भी अपने दिल का ख्याल रख सकते हैं और उन्हें गंभीर स्थिति से बचा सकते हैं।

स्लीप एप्यानिया पर रखें नजर

ये ऐसी समस्या है जिसके बारे में अक्सर लोगों को पता ही नहीं होता कि, उन्हें ये बीमारी है। इस बीमारी में सोते समय शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है। बार-बार सांस रुकने लगती है। इससे ब्लडप्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। ये दिक्कत पहले से दिल के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है।

पैरॉक्सिसमल नॉक्टरनल डिप्निया

इसमें पैरों में जमा फ्लूड सोते समय ऊपर की तरफ बढ़ता है। इससे फेफड़ों और दिल पर दबाव पड़ता है, व्यक्ति की सांस फूलने लगती है। ये पहले से दिल के मरीजों के लिए काफी घातक होती है। फेफड़ों में पानी भरने की आशंका रहती है। इसी वजह है कि कई बार लोगों को रात में सांस फूलने या अचानक नींद टूटने की शिकायत रहती है। हार्ट फेल्यर के ज्यादातर मरीजों में ये समस्या देखने को मिलती है। यह समस्या पहले से दिल की बीमारी के शिकार लोगों के लिए और भी मुश्किल का सबब बन सकती है।


सोते समय बदलती है शरीर की स्थिति

सोते समय हमारा शरीर एक्टिव मोड से आराम यानी रेस्ट मोड में चला जाता है। ये बदलाव सामान्य लोगों के लिए कोई मायने नहीं रखता है। लेकिन पहले से दिल की बीमारी के मरीज के लिए ये ठीक नहीं है। ऐसे लोगों को इस दौरान दिल की धड़कन धीमी होने, लोग ब्लड प्रेशर और अनियमित सांस की परेशानी हो जाती है, जिससे उन्हें सोते में दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

इससे बचने में काम आ सकते हैं ये उपाय

  • ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें
  • स्लीप एपनिया की जांच करवाएं
  • दिल की दवाइयां समय पर लें
  • लाइफस्टाइल में सुधार करें
  • सोते समय सिर थोड़ा ऊंचा रखें ताकि फ्लूड सीने की तरफ न बढ़े
  • रात में डिनर हल्का करें
  • ज्यादा पानी पीने से भी बचें ।

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