करेला एक ऐसा सब्जी है जिसे लोग या तो बहुत पसंद करते हैं या फिर उससे दूर भागते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसका तीखा और कड़वा स्वाद, जो ज्यादातर लोगों को बिल्कुल नहीं भाता। खासकर बच्चों और कुछ बड़ों के लिए तो करेला खाना किसी सजा से कम नहीं होता। हालांकि सेहत के लिहाज से यह एक सुपरफूड माना जाता है, लेकिन जब स्वाद ही न भाए तो सेहत के फायदे भी फीके लगते हैं। अच्छी बात ये है कि अगर आप थोड़ी सी समझदारी और कुछ घरेलू ट्रिक्स अपनाएं, तो यही करेला स्वादिष्ट बन सकता है।
दरअसल, रसोई में ही कुछ ऐसे आसान उपाय मौजूद हैं, जिनसे करेले की कड़वाहट को कम किया जा सकता है और इसका जायका भी बढ़ाया जा सकता है। तो अगर आपको भी कड़वे करेले से परेशानी है, तो अगली बार बनाने से पहले ये आसान उपाय जरूर आजमाएं।
नमक करेले की कड़वाहट दूर करने का सबसे पुराना और भरोसेमंद उपाय है।
करेले को पतले टुकड़ों में काटें।
ऊपर से थोड़ा नमक छिड़कें और 15 से 20 मिनट के लिए रख दें।
फिर हल्के हाथों से उसे दबाकर उसका कड़वा रस निकालें और पानी से धो लें।
इस आसान प्रक्रिया से करेला पकने के बाद कम कड़वा और ज़्यादा स्वादिष्ट लगता है।
नींबू – कड़वाहट का संतुलन
नींबू न सिर्फ स्वाद में निखार लाता है, बल्कि करेले की गंध को भी कम करता है।
कटे करेले पर नींबू का रस निचोड़ें।
इसे 15 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें।
नींबू का खट्टापन करेले के कड़वे स्वाद को अच्छी तरह बैलेंस करता है।
दही – कड़वाहट को बनाएं बैलेंस
दही का खट्टा स्वाद करेले की कड़वाहट को बैलेंस करता है।
कटे हुए करेले को दही में 20–30 मिनट के लिए भिगोकर रखें।
दही करेले की बनावट को भी मुलायम बनाता है, जिससे उसका स्वाद ज़्यादा अच्छा लगता है और पेट पर भी हल्का पड़ता है।
इमली का इस्तेमाल करेला पकाने में नया ट्विस्ट ला सकता है।
थोड़ी इमली को पानी में भिगोकर उसका गाढ़ा रस निकालें।
करेले को इसमें 20–25 मिनट तक डुबोकर रखें।
इमली का खट्टा स्वाद करेले की कड़वाहट को काफी हद तक मिटा देता है और खाने में चटपटा टेस्ट जोड़ता है।