Breast Milk Pumping Tips: सही तरीके से करें तो मां और बच्चे दोनों के लिए हो सकता है अच्छा विकल्प

बच्चे को जन्म के बाद कम से कम 6 महीने तक मां का दूध ही दिया जाता है। लेकिन कई बार बच्चे को अपना दूध पिला पाना मुश्किल होता है। इस समस्या से निपटने में ब्रेस्ट मिल्क पंपिंग आपकी काफी मदद कर सकती है। कैसे? आइए जानें

अपडेटेड Aug 01, 2025 पर 9:32 PM
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नवजात बच्चे के लिए मां का दूध बहुत जरूरी होता है, लेकिन कुछ मांओं के लिए ये हर समय कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में ब्रेस्ट मिल्क पंपिंग आपकी मदद कर सकती है। इसका सही तरीके से इस्तेमाल मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। बच्चे के लिए इसलिए क्योंकि मां के व्यस्त होने या किसी और तरह की दिक्कत होने पर उसकी खुराक पर असर नहीं होगा। साथ ही मां के दूध में मौजूद उसे बीमारियों से बचाने वाले पोषक तत्व उसे मिलते रहेंगे।

ब्रेस्ट मिल्क पंप करना मां के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे उसे कुछ समय के लिए मानसिक और शारीरिक आराम मिलेगा। साथ ही बच्चे के जन्म के बाद शरीर में बनने वाला दूध अगर किसी कारणवश बच्चा नहीं पी पाता है, तो उससे मां की छाती में सूजन, दर्द और अकड़न की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा मां अगर वर्किंग है, तो उसके लिए नियमित दूध पिला पाना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। लेकिन ब्रेस्ट मिल्क पंप को लेकर अब भी बहुत सी मांओं में दुविधा है। आइए जानते हैं इससे जुड़े अहम सवालों के जवाब

हर 2 घंटे में कर सकती हैं ब्रेस्ट मिल्क पंपिंग

किसी कारण से अगर बच्चा सीधे मां का दूध नहीं पी पा रहा है तो मां हर 2 घंटे में दूध पंप कर स्टोर कर सकती है। इस हिसाब से दिन में लगभग 8 बार तक ब्रेस्ट मिल्क पंप किया जा सकता है। यह कामकाजी मां या उन मांओं के लिए अच्छा है, जो पूरे समय बच्चे स्तनपान नहीं करा सकती हैं। ऐसे में वो दिन में कम से कम 6 बार पंपिंग कर सकती हैं। इससे स्तनों में जकड़न या सूजन नहीं होती है।

अलग-अलग हो सकती हर मां की उत्पादन क्षमता

हर महिला की शारीरिक बनावट अलग होती है। इसलिए उसके शरीर में दूध उत्पादन की मात्रा भी अलग-अलग होती है। आमतौर से मांओं में पहले बच्चे के जन्म के पहले हफ्ते में लगभग 30-60 मिलीलीटर दूध बनता है। इसकी मात्रा कुछ दिनों बाद बढ़कर 120 मिलीलीटर तक हो सकती है।


ज्यादा पंप करने से हो सकती है दिक्कत

मां के दूध की पंपिंग नियमित और आरामदायक होनी चाहिए। बहुत ज्यादा पंप करने से निप्पल में दर्द या सूजन हो सकता है। दूध के अधिक उत्पादन से स्तनों में भारीपन हो सकता है और दूध लीक हो सकता है। इसके अलावा स्तन की त्वचा फटी या खुरदरी हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

ब्रेस्ट मिल्क पंपिंग तनाव मुक्त माहौल में करनी चाहिए।

इसे करे से पहले आरामदायक मुद्रा में बैठें

दूध को निकालने के तुरंत बाद ठंडी जगह या फ्रिज में स्टोर करें

हमेशा साफ और स्टरलाइज्ड पंप का ही इस्तेमाल करें

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