आज के दौर में कम उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां, डलनेस और थकान के निशान नजर आने लगे हैं। पहले जहां ये बदलाव बढ़ती उम्र से जोड़े जाते थे, वहीं अब युवाओं में भी प्रीमैच्योर एजिंग एक आम समस्या बनती जा रही है। इसका कारण सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और कुछ ऐसी आदतें हैं जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। बदलता खानपान, अनियमित दिनचर्या, बढ़ता तनाव और शरीर की जरूरतों को समझे बिना की गई लापरवाही सीधे तौर पर स्किन हेल्थ को प्रभावित करती है। धीरे-धीरे त्वचा अपनी नैचुरल चमक खोने लगती है, चेहरे पर ढीलापन आने लगता है और थकान हमेशा झलकने लगती है।
कई लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन असली वजह पर ध्यान नहीं देते। अगर समय रहते इन गलत आदतों को नहीं सुधारा गया, तो त्वचा समय से पहले बूढ़ी दिखने लगती है। अच्छी बात यह है कि थोड़े से बदलाव और सही आदतों को अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
प्रोसेस्ड और जंक फूड का ज्यादा सेवन
बार-बार प्रोसेस्ड, पैक्ड या ज्यादा मीठा खाना आपकी त्वचा का सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है। ऐसा भोजन शरीर में सूजन बढ़ाता है और स्किन सेल्स को नुकसान पहुंचाता है। इसका असर यह होता है कि त्वचा रूखी, बेजान और समय से पहले ढीली नजर आने लगती है। हेल्दी और फ्रेश डाइट आपकी स्किन को अंदर से पोषण देती है।
नींद की कमी सीधे तौर पर आपकी त्वचा पर दिखाई देती है। अगर आप रोज 7–8 घंटे की गहरी नींद नहीं ले पाते, तो चेहरे पर झुर्रियां, आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स और थकान साफ झलकने लगती है। बार-बार नींद टूटने से स्किन की रिपेयर प्रक्रिया भी प्रभावित होती है, जिससे एजिंग के लक्षण जल्दी उभरते हैं।
एक्टिव लाइफस्टाइल न होने का असर सिर्फ सेहत पर नहीं, बल्कि स्किन पर भी पड़ता है। रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे त्वचा नेचुरली ग्लो करती है। इसके अलावा ज्यादा तनाव लेने से भी स्किन जल्दी बूढ़ी दिखने लगती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा लंबे समय तक जवान और हेल्दी बनी रहे, तो इन आदतों में सुधार करना बेहद जरूरी है। सही खान-पान, पूरी नींद और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर आप प्रीमैच्योर एजिंग के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।