कभी ऐसा हुआ है कि एग्जाम के ठीक पहले या किसी इंटरव्यू में अपनी बारी का इंतजार करते समय अचानक पेट में अजीब सी “तितली उड़ने” जैसी फीलिंग होने लगे? दिल की धड़कन तेज हो जाए, हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगें और दिमाग में घबराहट बढ़ने लगे। यह कोई अजीब या डरावनी बात नहीं है, बल्कि शरीर की एक नेचुरल साइकोलॉजिकल और बायोलॉजिकल प्रक्रिया है। जब हम किसी टेंशन या परफॉर्मेंस वाली स्थिति में होते हैं, तो हमारा दिमाग उसे एक चुनौती की तरह लेता है और शरीर तुरंत रिएक्ट करता है।
इसी वजह से यह फीलिंग पैदा होती है, जिसे हर उम्र के लोग कभी न कभी महसूस करते हैं। खास बात यह है कि यह स्थिति बताती है कि आपका शरीर एक्टिव होकर आपको बेहतर परफॉर्म करने के लिए तैयार कर रहा है, न कि आपको कमजोर बना रहा है।
पेट और दिमाग का सीधा कनेक्शन
हमारे शरीर में पेट और दिमाग एक-दूसरे से सीधे जुड़े होते हैं। पेट में मौजूद नसों का एक बड़ा नेटवर्क होता है, जिसे “सेकेंड ब्रेन” भी कहा जाता है। यह दिमाग से वेगस नर्व के जरिए जुड़ा रहता है। इसलिए जब दिमाग तनाव में आता है, तो उसका असर सीधे पेट तक पहुंचता है और हमें घबराहट या मरोड़ जैसा महसूस होने लगता है।
‘फाइट या फ्लाइट’ मोड कैसे काम करता है?
जब हम किसी परीक्षा या इंटरव्यू जैसी स्थिति में जाते हैं, तो दिमाग इसे एक चुनौती की तरह समझता है। ऐसे में शरीर खुद को बचाने के लिए “फाइट या फ्लाइट रिस्पॉन्स” एक्टिव कर देता है। इस दौरान एड्रेनालिन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन तेजी से रिलीज होते हैं, जो शरीर को तुरंत एक्शन के लिए तैयार करते हैं।
शरीर में क्या बदलाव होते हैं?
इन हार्मोन्स की वजह से दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांसें जल्दी चलने लगती हैं और शरीर की एनर्जी मांसपेशियों की तरफ शिफ्ट हो जाती है। इसी वजह से पेट में हलचल, घबराहट और बेचैनी महसूस होती है।
इस घबराहट को कैसे करें कंट्रोल?
धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें। इससे दिमाग को सिग्नल मिलता है कि सब कुछ ठीक है और तनाव कम होने लगता है।
इस घबराहट को डर नहीं, बल्कि तैयारी का हिस्सा समझें। यह शरीर का नेचुरल रिएक्शन है जो आपको बेहतर परफॉर्म करने के लिए तैयार कर रहा है।
एग्जाम या इंटरव्यू से पहले भारी और तला-भुना खाना न खाएं, ताकि पेट पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और शरीर हल्का महसूस करे।