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गांव की बेटियों के लिए आगे आईं युवा सरपंच, पीरियड्स में स्वच्छता और पढ़ाई पर दिया जोर

बलिया के रत्सर कला गांव की युवा सरपंच स्मृति सिंह ने छात्राओं के लिए माहवारी स्वच्छता का मुद्दा उठाया है। उन्हें पता चला कि कई लड़कियों के पास सैनिटरी पैड खरीदने की सुविधा नहीं है, जिसके कारण उन्हें परेशानी होती है और पढ़ाई भी प्रभावित होती है। उनकी पहल पर छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड और पीरियड्स से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई। इस कोशिश का मकसद है कि माहवारी की वजह से गांव की बेटियों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी न रुके।

Roopali Sharmaअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 3:46 PM
गांव की बेटियों के लिए आगे आईं युवा सरपंच, पीरियड्स में स्वच्छता और पढ़ाई पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रत्सर कला गांव की युवा सरपंच स्मृति सिंह ने स्कूलगर्ल्स के लिए पीरियड के दौरान साफ-सफाई और जरूरी सुविधाओं का मुद्दा उठाया है। उनका मकसद है कि पीरियड्स की वजह से किसी लड़की की पढ़ाई या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो। कुछ स्टूडेंट्स को हेल्थ परेशानियों के कारण स्कूल जाने में भी दिक्कत हो रही थी।

 

गांव की समस्या

इस समस्या को दूर करने के लिए स्मृति सिंह ने महिलाओं की माहवारी स्वच्छता से जुड़े ब्रांड्स से मदद मांगी। उनकी अपील पर एवरटीन (everteen) ने गांव में माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता कैंप लगाया। इस दौरान सरकारी स्कूल रत्सर कला और सरकारी रत्सर इंटर कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड, पीरियड ट्रैकर, पीरियड कैलेंडर और जागरूकता से जुड़ी सामग्री दी गई। इस पहल का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की किशोरियों को जरूरी मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स अवेलेबल कराना और उन्हें पीरियड्स में साफ-सफाई के बारे में सही जानकारी देना था।

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