भारत में दही का सेवन लगभग हर घर में आम है, खासकर गर्मियों में ठंडक और पाचन के लिए। मानसून और सर्दियों में भी लोग दही खाना पसंद करते हैं और इसे घर पर जमाते हैं। वहीं, आजकल बाजार में ‘योगर्ट’ नाम का विकल्प भी खूब लोकप्रिय हो गया है। कई लोग सोचते हैं कि दही और योगर्ट एक जैसे हैं, लेकिन सच ये है कि इनके बनने के तरीके अलग हैं। दही पारंपरिक तरीके से घर पर तैयार होता है, जबकि योगर्ट कमर्शियल तौर पर विशेष बैक्टीरियल कल्चर जैसे स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस और लैक्टोबैसिलस बुलगारीकस के जरिए बनाया जाता है।
इस वजह से योगर्ट दही की तुलना में ज्यादा स्मूथ, क्रीमी और खाने में हल्का लगता है। अगर आप भी स्वाद और सेहत दोनों चाहते हैं, तो घर का दही और योगर्ट दोनों ही आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
15 मिनट में गाढ़ा दही बनाने की तैयारी
अगर आप भी जल्दी और गाढ़ा दही बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले दूध को धीमी आंच पर गर्म करें। ध्यान रहे, जितना गाढ़ा दूध होगा, दही भी उतना ही गाढ़ा जमेगा।
मिट्टी के बर्तन की तैयारी
दूसरी स्टेप में मिट्टी के बर्तन को जामन यानी हल्के दही की मदद से ग्रीस करें। इससे दही जमने के बाद आसानी से बर्तन से निकलेगा। कुछ लोग सीधे चम्मच की मदद से दही डालते हैं, लेकिन जामन से ग्रीस करना सबसे आसान और असरदार तरीका है।
दही जल्दी जमाने के लिए दूध का तापमान बहुत महत्वपूर्ण है। दूध को इतनी गर्मी पर ठंडा करें कि उंगली सहन कर सके। फिर दूध को मिट्टी के बर्तन में डालें और फॉइल पेपर से ढक दें।
दही को जल्दी जमाने के लिए कुकर का इस्तेमाल करें। कुकर में थोड़ा पानी डालकर गर्म करें और मिट्टी का बर्तन रखें। ढक्कन लगाएं लेकिन सीटी हटा दें। धीमी आंच पर 15 मिनट पकाएं। तय समय बाद आपका गाढ़ा, स्मूथ और क्रिमी दही तैयार हो जाएगा।
गाढ़ा और घर का बना दही पाचन के लिए बेहतरीन है। यह पेट को ठंडक देता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और स्किन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। घर पर बने दही में किसी प्रकार के प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए ये सेहत के लिए सुरक्षित है।