तेज गर्मी के मौसम में हर कोई अपने घर को ठंडा और ताजगी से भरपूर बनाए रखना चाहता है। ऐसे में इंडोर और आउटडोर पौधे एक बेहतरीन विकल्प बन जाते हैं, जो बिना किसी बिजली खर्च के घर के माहौल को ठंडा और फ्रेश बनाए रखते हैं। ये पौधे न सिर्फ सजावट में चार चांद लगाते हैं, बल्कि हवा को साफ कर एक हेल्दी वातावरण भी तैयार करते हैं। मनी प्लांट ऐसा ही एक लोकप्रिय और आसान देखभाल वाला पौधा है, जिसे लोग घर के किसी भी कोने में लगा लेते हैं।
हालांकि, गर्मियों में अगर इसकी सही तरह से देखभाल न की जाए, तो इसकी हरी-भरी पत्तियां धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती हैं या किनारों से जलने लगती हैं। इसलिए जरूरी है कि इस पौधे की जरूरतों को समझकर उसकी सही तरीके से देखभाल की जाए, ताकि यह हमेशा हरा-भरा और आकर्षक बना रहे।
धूप की मार से झुलसती पत्तियां
अगर मनी प्लांट की पत्तियां पीली होकर किनारों से भूरी होने लगें, तो समझिए तेज धूप इसका बड़ा कारण है। ज्यादा गर्मी में पत्तियों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती, जिससे वे सूखकर झुलसने लगती हैं। ये पौधा हल्की रोशनी और 20-25 डिग्री तापमान में ज्यादा अच्छा रहता है।
नमी की कमी भी बनती है वजह
कई बार जड़ों में पानी होने के बावजूद पत्तियों तक नमी सही तरीके से नहीं पहुंच पाती। ऐसे में पौधे पर हल्का पानी स्प्रे करना जरूरी होता है। गर्मियों में दिन में 1-2 बार पत्तियों पर पानी छिड़कने से पौधा ताजगी बनाए रखता है।
बदलता मौसम देता है स्ट्रेस
अचानक मौसम बदलने, जैसे कभी बारिश तो कभी तेज धूप, से मनी प्लांट स्ट्रेस में आ सकता है। इसका असर पत्तियों पर दिखता है और वे पीली या काली पड़ने लगती हैं। इसलिए पौधे को स्थिर वातावरण में रखना बेहतर होता है।
ज्यादा पानी भी है नुकसानदेह
अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी दे रहे हैं, तो ये भी नुकसान कर सकता है। ज्यादा नमी से जड़ें खराब होने लगती हैं और पत्तियां काली-पीली पड़ जाती हैं। इसलिए मिट्टी सूखने के बाद ही पानी देना सही तरीका है।
कभी-कभी पानी देना भूल जाना या अनियमित तरीके से पानी देना भी पौधे की सेहत बिगाड़ देता है। लगातार ऐसा करने से पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधा कमजोर हो जाता है।
कैसे रखें मनी प्लांट को हमेशा हरा-भरा
मनी प्लांट को सीधी धूप से बचाएं, नियमित लेकिन संतुलित पानी दें, और समय-समय पर पत्तियों पर स्प्रे करते रहें। थोड़ी सी देखभाल से आपका ये पौधा पूरे घर में हरियाली और ठंडक बनाए रखेगा।