बारिश का मौसम आते ही ठंडी हवा की उम्मीद हर किसी को होती है, लेकिन हकीकत अक्सर उलटी होती है। कूलर तो चलता है, लेकिन कमरे में न तो ठंडक मिलती है और न ही चैन! उल्टा कमरा चिपचिपा और भारी-सा लगने लगता है। कई बार लगता है कि जैसे कूलर गर्म हवा फेंक रहा है। असल में, इस परेशानी की जड़ है – हवा में बढ़ी नमी। मानसून में वातावरण में नमी इतनी ज्यादा होती है कि कूलर की ठंडी हवा भी काम नहीं कर पाती। अब सवाल ये उठता है कि क्या कूलर को थोड़ा और स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि वो एसी जैसी ठंडक दे?
अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको कोई बड़ी मशीन या महंगा इक्विपमेंट नहीं चाहिए। कुछ घरेलू और बेहद आसान उपाय अपनाकर आप अपने कूलर की कूलिंग को दोगुना कर सकते हैं – और वो भी बिना जेब पर बोझ डाले।
1. ₹5 वाला बेकिंग सोडा करेगा कमाल
आपने बेकिंग सोडा का इस्तेमाल बेकिंग या सफाई में किया होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कमरे की नमी भी खींच सकता है?
एक छोटा सा कॉटन कपड़ा लें, उसमें 1-2 चम्मच बेकिंग सोडा डालकर पोटली बना लें। इस पोटली को कमरे के किसी कोने में टांग दें। जैसे ही आप कूलर चलाएंगे, ये पोटली हवा से नमी सोखना शुरू कर देगी, जिससे कमरे में ठंडक बढ़ेगी और चिपचिपाहट घटेगी।
2. पंखा और कूलर साथ चलाना है समझदारी
बहुत से लोग मानते हैं कि कूलर के साथ पंखा चलाने से असर कम हो जाता है। लेकिन बारिश के मौसम में इसका उल्टा असर होता है। पंखा हवा को कमरे से बाहर की ओर धकेलता है, जिससे अंदर की उमस कम होती है।
अगर कमरे में एग्जॉस्ट फैन है तो उसे भी चालू करें और खिड़की थोड़ी खुली रखें ताकि बाहर की ताजी हवा अंदर आ सके और नमी का स्तर बैलेंस में रहे।
3. कूलर को कभी-कभी बिना पानी के भी चलाएं
अगर कमरे में बहुत ज्यादा नमी महसूस हो रही है, तो कुछ समय के लिए कूलर को बिना पानी के भी चला सकते हैं। इससे हवा का सर्कुलेशन बना रहता है और आपको हल्की ठंडक महसूस होती है।
इन तीन आसान ट्रिक्स को अपनाकर आप सिर्फ 5 रुपए में मानसून के मौसम में भी कूलर से एसी जैसी ठंडी हवा पा सकते हैं। जरूरत है तो बस थोड़ी समझदारी और सही तरीकों की।