जैसे ही गर्मियों का मौसम शुरू होता है, मच्छरों की परेशानी भी तेजी से बढ़ने लगती है। दिन हो या रात, ये छोटे-छोटे कीड़े लोगों को चैन से बैठने नहीं देते। उनसे बचने के लिए लोग मच्छरदानी, कॉयल, स्प्रे और तरह-तरह के घरेलू उपाय अपनाते हैं, लेकिन इसके बावजूद मच्छर किसी न किसी तरह परेशान कर ही देते हैं। खासकर रात के समय ये कान के पास भिनभिनाते हैं और नींद खराब कर देते हैं। सबसे ज्यादा हैरानी तब होती है जब घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद होने के बावजूद भी मच्छर कमरे में नजर आते हैं।
कई बार लोग समझ नहीं पाते कि आखिर ये अंदर आते कहां से हैं। दरअसल, इसके पीछे हमारे घर की कुछ छोटी-छोटी आदतें और लापरवाही जिम्मेदार होती हैं, जो मच्छरों को पनपने और छिपने का मौका देती हैं।
बंद कमरों में भी कैसे पहुंच जाते हैं मच्छर?
अक्सर हम सोचते हैं कि खिड़की-दरवाजे बंद हैं, फिर भी मच्छर कमरे में कैसे घुस आते हैं। दरअसल, इसके पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि हमारे ही घर में मौजूद कुछ ऐसी चीजें हैं, जो मच्छरों को छिपने और पनपने का मौका देती हैं।
कमरे के आसपास जमा पानी मच्छरों के लिए सबसे बड़ी वजह बनता है। कूलर, गमलों की ट्रे या कहीं भी ठहरा हुआ पानी इनके पनपने का ठिकाना बन जाता है, जहां ये अंडे देते हैं और तेजी से बढ़ते हैं।
पसीने वाले या गीले कपड़े कमरे में पड़े रहने से नमी बढ़ जाती है, जो मच्छरों को आकर्षित करती है। ये कपड़ों के आसपास छुपकर आराम से टिके रहते हैं और मौका मिलते ही काटते हैं।
मच्छर अक्सर अंधेरी और कम इस्तेमाल होने वाली जगहों में छिपे रहते हैं। बेड के नीचे, पर्दों के पीछे या फर्नीचर के कोनों में इन्हें आसानी से जगह मिल जाती है, इसलिए इन जगहों की नियमित सफाई बेहद जरूरी है।
छोटी लापरवाही, बड़ी परेशानी
अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान नहीं रखते, तो मच्छरों का आतंक बढ़ना तय है। साफ-सफाई और थोड़ी सतर्कता से ही आप इस समस्या से काफी हद तक बच सकते हैं।