क्या आप जानते हैं कि पुराने ज़माने में बाल धोना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता था? लोग अपने बालों की देखभाल के लिए प्राकृतिक चीजों का सहारा लेते थे, जैसे नमक, भालू की चर्बी, जौ की रोटी आदि। बाल बहुत कम धोए जाते थे और कभी-कभी बकरी के दूध की चाय, लाल जड़, विलो रूट या एल्म की छाल से हल्के तरीके से साफ किया जाता था। ये सिर्फ स्वच्छता का सवाल नहीं था, बल्कि उस समय का लाइफस्टाइल और सुंदरता का पैटर्न भी था। 18वीं सदी में विग्स का चलन बढ़ने से महिलाएं पानी से बाल धोने लगीं, और यहीं से शुरू हुई ‘शैम्पू की शुरूआत’।
लेकिन सवाल ये है कि पुराने समय में महिलाएं बालों को कंडीशन करने के लिए कौन-कौन सी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करती थीं। आज भी ये 5 क्लासिक सामग्री हमारे बालों की देखभाल में उतनी ही प्रचलित हैं।
सपोटे ऑयल मुख्य रूप से उत्तर और मध्य अमेरिका में इस्तेमाल होता था। ये चीकू के फल के बीज से निकाला जाता है। इसके इस्तेमाल से डैंड्रफ़ और स्कैल्प की जलन कम होती है, साथ ही बालों को गहराई से पोषण मिलता है। इसमें मौजूद फैटी एसिड और सक्रिय फाइटोकेमिकल्स बालों को मॉइस्चराइज और मजबूत बनाते हैं और नई ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं।
पुराने समय में लंबे और घने बालों को खूबसूरती का प्रतीक माना जाता था। पुरुष और महिलाएं दोनों एलोवेरा का इस्तेमाल करते थे। आज भी एलोवेरा बालों और स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है। ये बालों को मजबूत बनाता है, तैलीय बालों को कंट्रोल करता है, खुजली को कम करता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है। इसे हेयर मास्क, कंडीशनर और शैम्पू में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
चावल का पानी याओ समुदाय के लोग इस्तेमाल करते थे, जिनके लंबे, काले और चमकदार बाल लंबे समय तक सफेद नहीं होते थे। ये बालों को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनाता है। इसमें अमीनो एसिड, विटामिन B, E और एंटीऑक्सीडेंट मिनरल्स होते हैं, जो बालों की ग्रेइंग को धीमा करते हैं और खोई हुई मात्रा व वॉल्यूम वापस लाते हैं।
अंडे प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं और विक्टोरियन काल से बालों की देखभाल में इस्तेमाल होते आए हैं। अंडे में विटामिन A, E, बायोटिन और फोलेट होते हैं, जो बालों को मोटा और स्कैल्प को हेल्दी बनाते हैं। अंडे की जर्दी से बालों को कंडीशन करना भी अच्छा विकल्प है, क्योंकि ये बालों में नमी बनाए रखता है और उन्हें चिकना, चमकदार और मुलायम बनाता है।
नारियल का तेल चीन, जापान और भारत में सदियों से इस्तेमाल होता रहा है। ये बालों के फ्रिज को कंट्रोल करता है और उन्हें गहराई से पोषण देता है। इसकी संतृप्त वसा बालों में तुरंत नमी सील कर देती है और स्कैल्प की जलन, खुजली और पपड़ी को शांत करती है। बचपन से ही ये हमारी हेयर केयर का हिस्सा रहा है।