झांसी, जो अपनी वीरता और इतिहास के लिए विश्व प्रसिद्ध है, स्वाद के मामले में भी किसी से पीछे नहीं है। यहां के खान-पान में मिट्टी की सौंधी खुशबू और शुद्धता की झलक मिलती है। झांसी और उसके आसपास के इलाकों में 'दाल-बाफला' केवल एक भोजन नहीं, बल्कि मेहमाननवाजी का प्रतीक है। हालांकि बाफला का मूल नाता मालवा क्षेत्र से भी जोड़ा जाता है, लेकिन झांसी ने इसे अपने मसालों और देसी घी के तड़के के साथ एक अनूठा 'बुंदेलखंडी ट्विस्ट' दिया है।
