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फ्रिज डोर नहीं, कॉन्फिडेंस बूस्टर है! इसपर लगी एक तस्वीर बदल सकती है आपके बच्चे की सोच

बच्चों का छोटा-सा अचीवमेंट भी माता-पिता के लिए बहुत खास होता है। घर में उनकी ड्रॉइंग, मेडल या सर्टिफिकेट को जगह देना सिर्फ गर्व जताने की बात नहीं, बल्कि बच्चे को यह एहसास दिलाने का तरीका भी हो सकता है कि उसकी मेहनत और कोशिश मायने रखती है। साइकोलॉजी कहती है, ऐसी छोटी-छोटी चीजें माता-पिता और बच्चे के रिश्ते में स्पेशल इमोशनल बॉन्ड दिखा सकती हैं।

Roopali Sharmaअपडेटेड Sep 02, 2026 पर 12:55 PM
फ्रिज डोर नहीं, कॉन्फिडेंस बूस्टर है! इसपर लगी एक तस्वीर बदल सकती है आपके बच्चे की सोच

बच्चों की ड्रॉइंग, स्कूल के सर्टिफिकेट, फोटो या मेडल को रेफ्रिजरेटर पर लगाना कई घरों में आम बात है। देखने में यह डेकोरेशन या बच्चे की अचीवमेंट को दिखाने का तरीका लग सकता है, लेकिन इसके पीछे माता-पिता के इमोशन भी जुड़े होते हैं। जब माता-पिता बच्चे की बनाई पेंटिंग या मिले अवार्ड को ऐसी जगह लगाते हैं, जहां सबकी नजर पड़े, तो बच्चे को महसूस हो सकता है कि उसकी मेहनत और कोशिश को महत्व दिया जा रहा है। यह जरूरी नहीं कि ऐसा किसी को दिखाने के लिए किया जा रहा हो, कई बार माता-पिता बस बच्चे के अचीवमेंट पर गर्व करते हैं और उन पलों को यादगार बनाना चाहते हैं।

साइकोलॉजी के अनुसार, बच्चों के काम को पहचान और तारीफ मिलने से उनके कॉन्फिडेंस पर अच्छा असर पड़ सकता है। माता-पिता का प्रोत्साहन बच्चों को अपनी क्षमता समझने और आगे कुछ नया करने के लिए इंस्पायर कर सकता है। जब बच्चा अपनी ड्रॉइंग या मेडल को रोज देखता है, तो उसे अपनी मेहनत पर गर्व महसूस हो सकता है और यह संदेश मिलता है कि उसकी कोशिश मायने रखती है।

बच्चे की मेहनत को मिलता है सम्मान

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