ये सच है कि बारिश का मौसम हर किसी के लिए राहत लेकर आता है, चाहे इंसान हो या पेड़-पौधे। जहां एक ओर हरियाली निखर जाती है, वहीं दूसरी ओर गुलाब के पौधे कई बार इस मौसम में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। कुछ लोग शिकायत करते हैं कि बारिश में गुलाब खिल ही नहीं पाते, पत्तियां मुरझा जाती हैं या पौधे बेजान नजर आते हैं। ये देखकर निराशा भी होती है, खासकर तब जब आपने पौधे की देखभाल में कोई कसर न छोड़ी हो। दरअसल, बरसात के मौसम में गुलाब के पौधों की जरूरतें थोड़ी बदल जाती हैं।
अगर सही तरीके से देखभाल न की जाए, तो न केवल फूल आना रुक सकता है, बल्कि पूरा पौधा कमजोर भी हो सकता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किन सामान्य सी दिखने वाली गलतियों के कारण आपके गुलाब नहीं खिलते और आप कैसे उनकी देखभाल करके फिर से गुलाब के फूल खिलने लगें।
बारिश में मिट्टी लगातार भीगी रहती है। ऐसे में अगर पानी की निकासी सही न हो, तो जड़ों में गलन शुरू हो जाती है। गुलाब की जड़ें फंगस का शिकार बन सकती हैं और फिर पौधा धीरे-धीरे सूखने लगता है। ऐसे में फूल आना तो दूर, पत्ते भी पीले पड़ने लगते हैं।
बारिश की छांव में छिप गई धूप
गुलाब सूरज की रोशनी की जरूरत होती है। उसे हर दिन कम से कम 4-5 घंटे की सीधी धूप चाहिए। लगातार बादल छाए रहने या पौधे को ऐसी जगह रखने से जहां सूरज की किरणें न पहुंचे, उसकी ग्रोथ रुक जाती है।
मिट्टी में मिलाएं स्पेशल मिक्स
गुलाब को दोबारा खिलखिलाने इसमें एप्सम सॉल्ट, वर्मीकंपोस्ट और जाइम को बराबर मात्रा में मिलाकर पौधे के चारों ओर डालें। इससे जड़ों को फिर से ताकत मिलेगी और नई कली निकलने लगेगी।
खाद डालने के बाद मिट्टी को थोड़ी सी खोदकर नरम करें ताकि पोषण अंदर तक पहुंच सके। फिर उसे हल्के हाथों से ढंक दें और थोड़ा सा पानी दें ज्यादा नहीं।
बारिश में कीड़े और फंगस एक्टिव हो जाते हैं। गुलाब की कोमल पत्तियों पर हमला बोल देते हैं। इससे बचाव के लिए नीम के तेल को पानी में मिलाकर हर 7-10 दिन में पत्तियों पर स्प्रे करें।
सूखी पत्तियों की करें छंटाई
जो पत्तियां पीली या सूखी हो चुकी हैं, उन्हें तुरंत काट दें। इससे नई ग्रोथ के लिए जगह बनेगी और पौधा हल्का होकर जल्दी तरोताजा होगा।
गुलाब नाजुक जरूर है, लेकिन जिद्दी भी है। उसे बस थोड़ी देखभाल, थोड़ी धूप और सही टाइम पर सही पोषण चाहिए। अगर आप ये तीन बातें ध्यान रखें, तो आपका गुलाब कुछ ही हफ्तों में फूलों से भर जाएगा।