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रतन टाटा की ये फेवरेट 5 फेमस किताबें, आपके करियर और कैरेक्टर को बिल्ड करने में कर सकती हैं मदद

हर कुछ सालों में, बिजनेस की दुनिया में लीडरशिप के लिए कोई नया शब्द चलन में आ जाता है। नाम तो बदलते रहते हैं, लेकिन तेज़ी से नतीजे पाने की चाहत वैसी ही बनी रहती है। इसीलिए रतन टाटा सबसे अलग नज़र आते हैं। अगर आप उनसे प्रेरित हैं, तो ये 5 किताबें आपको उनके जैसा बनने में मदद कर सकती हैं।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 26, 2026 पर 4:40 PM
रतन टाटा की ये फेवरेट 5 फेमस किताबें, आपके करियर और कैरेक्टर को बिल्ड करने में कर सकती हैं मदद
अक्सर लोग लीडरशिप को आत्मविश्वास, करिश्मा या मुश्किल फ़ैसले तेज़ी से लेने की क्षमता समझ लेते हैं। ये बातें मायने तो रखती हैं, लेकिन ये पूरी नहीं हैं। जो लीडर अपनी गहरी छाप छोड़ते हैं, वे आमतौर पर काम करने से ज़्यादा समय सीखने में बिताते हैं।

लोग रतन टाटा की तारीफ़ उन कंपनियों के लिए करते हैं जिन्हें बनाने में उन्होंने मदद की, लेकिन कहानी बस इतनी ही नहीं है। कई बिज़नेस लीडर्स ने अरबों डॉलर की कंपनियां बनाई हैं। बहुत कम लोगों को ऐसा भरोसा मिला है कि लोग उनके बारे में सच्चे सम्मान के साथ बात करें। ऐसा तिमाही मुनाफ़े की वजह से नहीं होता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोगों को भरोसा होता है कि जब सुर्खियां आपके पक्ष में न हों, तब भी आपके मूल्य अडिग रहते हैं।

अक्सर लोग लीडरशिप को आत्मविश्वास, करिश्मा या मुश्किल फ़ैसले तेज़ी से लेने की क्षमता समझ लेते हैं। ये बातें मायने तो रखती हैं, लेकिन ये पूरी नहीं हैं। जो लीडर अपनी गहरी छाप छोड़ते हैं, वे आमतौर पर काम करने से ज़्यादा समय सीखने में बिताते हैं। वे खूब पढ़ते हैं, अपनी मान्यताओं पर सवाल उठाते हैं और सफल होने के बाद भी नई चीज़ें जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। यह बात बहुत अच्छी लगती है क्योंकि इससे पता चलता है कि लीडरशिप कोई जन्मजात गुण नहीं है, बल्कि एक आदत है।

The Tata Story by Harish Bhat

अगर आप यह समझना चाहते हैं कि रतन टाटा की लीडरशिप आज भी लोगों के दिलों में क्यों बसी हुई है, तो आपको यहीं से शुरुआत करनी चाहिए। हरीश भट सिर्फ़ टाटा ग्रुप की अहम उपलब्धियों के बारे में ही नहीं बताते, बल्कि उन सिद्धांतों का भी ज़िक्र करते हैं जिन्होंने उन्हें आकार दिया। इस किताब से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख कोई बिज़नेस एम्पायर खड़ा करने के बारे में नहीं है, बल्कि ऐसी साख बनाने के बारे में है जो तिमाही नतीजों से कहीं ज़्यादा समय तक कायम रहती है। किताब का कहना है कि मूल्य सफलता के साथ जुड़ी कोई अतिरिक्त चीज़ नहीं हैं; बल्कि अक्सर यही वे कारण होते हैं जिनकी वजह से सफलता लंबे समय तक बनी रहती है।

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