मई-जून की चिलचिलाती गर्मी में कंक्रीट की छतें तेजी से तपने लगती हैं, जिससे पूरा घर गर्म तंदूर जैसा महसूस होने लगता है। इसका असर सिर्फ छत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दीवारें भी गर्म होकर अंदर का तापमान बढ़ा देती हैं। नतीजा यह होता है कि पंखा भी ठंडी हवा देने की बजाय गर्म हवा देने लगता है और कूलर या एसी का असर भी कम महसूस होता है। ऐसे में घर के अंदर रहना काफी मुश्किल हो जाता है, खासकर दोपहर के समय। हालांकि, हर बार महंगे उपकरणों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।
