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टेंशन और चिंता से मुक्त, आधुनिक दौर में सद्गुरु के ये 3 मंत्र खुशहाल जीवन के लिए!

सद्गुरु (Sadhguru) की यह बात हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सच में प्यार कर रहे हैं या फिर किसी पर जरूरत से ज्यादा डिपेंड हो गए हैं। आप भी प्यार, लगाव और रिश्तों का असली मतलब (meaning of love) आसान भाषा में समझना चाहते हैं, तो आगे दी गई बातें आपके सोचने का नजरिया बदल सकती हैं।

Roopali Sharmaअपडेटेड Jul 30, 2026 पर 12:42 PM
टेंशन और चिंता से मुक्त, आधुनिक दौर में सद्गुरु के ये 3 मंत्र खुशहाल जीवन के लिए!

जीवन में हर रिश्ता प्यार से नहीं, कई बार सिर्फ लगाव से भी जुड़ा होता है। लेकिन दोनों में क्या फर्क है? उन्होंने बताया कि कई बार हम जिसे प्यार समझते हैं, वह असल में डर या अकेलेपन की भावना भी हो सकती है इसके आलावा सद्गुरु ने इसे बेहद आसान शब्दों में समझाया है, जिसे जानना हर किसी के लिए जरूरी हो सकता है:

Space for the Partner (पार्टनर की अपनी आजादी)

सद्गुरु कहते हैं कि सच्चा प्यार किसी को आजादी देता है अपनी मर्जी करने की, जबकि जरूरत से ज्यादा लगाव इंसान को सामने वाले पर डिपेंड बना देता है। इसलिए दोनों के बीच का फर्क समझना बहुत जरूरी है।

 

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