जीवन में हर रिश्ता प्यार से नहीं, कई बार सिर्फ लगाव से भी जुड़ा होता है। लेकिन दोनों में क्या फर्क है? उन्होंने बताया कि कई बार हम जिसे प्यार समझते हैं, वह असल में डर या अकेलेपन की भावना भी हो सकती है इसके आलावा सद्गुरु ने इसे बेहद आसान शब्दों में समझाया है, जिसे जानना हर किसी के लिए जरूरी हो सकता है:
