जब बात परिवार की सेहत की हो, तो हम अक्सर खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं, लेकिन जिस किचन में खाना बनता है, वहां इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और उपकरणों की ओर कम ही निगाह जाती है। यही अनदेखी कई बार बड़ी बीमारियों की वजह बन सकती है। रोजाना प्लास्टिक, नॉन-स्टिक या घिस चुके बर्तनों का इस्तेमाल करते हुए हमें पता भी नहीं चलता कि ये धीरे-धीरे हमारे खाने में ऐसे रसायन छोड़ रहे हैं, जो शरीर के लिए छिपा हुआ जहर बन सकते हैं।
इस बारे में जागरूक करते हुए गैस्ट्रोएन्टरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी (AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित) ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कुछ आम किचन आइटम्स की पहचान बताई है जिन्हें हमें तुरंत फेंक देना चाहिए। ऐसा न करने पर ये चीज़ें हार्मोनल डिसबैलेंस, कैंसर और मोटापा जैसी गंभीर परेशानियों का कारण बन सकती हैं।
प्लास्टिक के कुकिंग टूल्स
चम्मच, पलटे या स्पैटुला अगर प्लास्टिक के हैं, तो सावधान हो जाएं। ज्यादा गर्मी लगने पर ये धीरे-धीरे गलते हैं और उनमें मौजूद BPA (बिसफिनोल A) जैसे हानिकारक रसायन खाने में घुलने लगते हैं। इससे मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर तक का खतरा बढ़ सकता है।
बेहतर विकल्प – स्टेनलेस स्टील, सिलिकॉन या बैंबू से बने बर्तन इस्तेमाल करें।
प्लास्टिक के कटिंग बोर्ड पर बार-बार चाकू चलाने से उनमें से छोटे-छोटे प्लास्टिक के कण निकलते हैं जो सब्जी या फल में चिपक जाते हैं। ये माइक्रोप्लास्टिक शरीर में जाकर हार्मोनल गड़बड़ी और सूजन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
बेहतर विकल्प – लकड़ी या कांच के कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें।
अगर आपके नॉन-स्टिक तवा या पैन की कोटिंग उतर रही है या उस पर खरोंच आ गई है तो उसे तुरंत हटा दें। उनमें मौजूद PFA’s जैसे तत्व पकाते समय खाने में घुल सकते हैं और इससे ब्लड प्रेशर, प्रजनन (फर्टिलिटी) और हार्मोन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बेहतर विकल्प – कास्ट आयरन, स्टील या मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करें।
कुल मिलाकर: आपकी किचन में मौजूद ये रोजमर्रा की चीजें अगर समय रहते नहीं बदली गईं, तो ये स्लो पॉइजन की तरह आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आज ही इन चीजों पर नजर डालिए और सेहत को दें एक सेफ और हेल्दी किचन का तोहफा।