घर में आप बड़े शौक से पौधे लगाते हैं लेकिन कीड़े लगने की वजह से पौधे खराब हो जाते हैं। ऐसे में देसी और घरेलू नुस्खे न सिर्फ सस्ते हैं, बल्कि ये प्रकृति के लिए भी सुरक्षित हैं और मोटा फायदा भी देते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे देसी तरीके, जिनसे बिना खर्च किए आप अपने पेड़-पौधों को कीड़ों से बचा सकते हैं और उनकी सेहत को बरकरार रख सकते हैं।
अगर पत्तियों या तनों पर कीड़े चिपके हुए हैं, तो एक स्प्रे बोतल में पानी भरकर पत्तियों पर धीरे-धीरे छिड़कें। इससे कीड़े आसानी से निकल जाते हैं और पौधों की ग्रोथ भी बेहतर होती है। यह प्रक्रिया हफ्ते में एक-दो बार दोहराएं।
नीम की पत्तियों में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। नीम की पत्तियों को उबालकर उसका पानी ठंडा कर लें और हर हफ्ते पौधों की जड़ों में डालें या पत्तियों पर स्प्रे करें। नीम तेल का स्प्रे भी एफिड्स, माइट्स और अन्य कीड़ों को दूर रखने में बेहद असरदार है।
छोटे या नए पौधों पर दालचीनी का पाउडर छिड़कने से वे कीड़ों और बीमारियों से बचे रहते हैं। दालचीनी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल तत्व पौधों को मजबूत बनाते हैं।
पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर पौधों पर छिड़कें। यह न सिर्फ कीड़ों को दूर करता है, बल्कि पौधों को जरूरी पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है, जिससे उनकी ग्रोथ में मदद मिलती है।
5 टेबलस्पून डिश सोप को 4 कप पानी में मिलाकर एक स्प्रे बोतल में भरें और पौधों पर छिड़कें। यह एफिड्स और स्पाइडर माइट्स जैसे कीड़ों से छुटकारा दिलाता है।
लहसुन की तेज गंध कीड़ों को दूर भगाती है। आप लहसुन की एक कली को सीधे मिट्टी में दबा सकते हैं या लहसुन का पानी बनाकर स्प्रे कर सकते हैं।
अंडे के छिलकों का दरदरा चूरा बनाकर मिट्टी में मिलाएं। इससे घोंघे और रेंगने वाले कीड़े दूर रहते हैं, जो अक्सर पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।
तुलसी, पुदीना, मेंहदी, अजवायन के फूल जैसी जड़ी-बूटियों की पत्तियों को पानी में भिगोकर उसका स्प्रे करें। इनकी खुशबू और तत्व कीड़ों को पौधों से दूर रखते हैं।
एक लीटर पानी में आधा कप सिरका मिलाकर जंगली घास या अनचाहे पौधों पर छिड़कें। ध्यान रखें, इसे सीधे पौधों की जड़ों में न डालें।
कई बार घरेलू उपायों से भी ज्यादा असरदार परिणाम मिलते हैं। जैसे, नीम तेल, साबुन और पानी का मिश्रण या लहसुन-अदरक का घोल बनाकर स्प्रे करना। इससे पौधों की पत्तियां चमकदार और कीट-मुक्त रहती हैं।
इन देसी उपायों की सबसे बड़ी खासियत है कि ये बेहद सस्ते हैं, घर में ही उपलब्ध चीजों से बनाए जा सकते हैं और इनसे किसी भी तरह का साइड इफेक्ट नहीं होता। साथ ही, रासायनिक कीटनाशकों पर खर्च होने वाला पैसा भी बचता है और फसल या पौधों की गुणवत्ता भी बनी रहती है।