
ज्यादा नमक (सोडियम)
नमक स्वाद बढ़ाता है, लेकिन अधिक नमक शरीर से कैल्शियम को बाहर निकालता है। इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। ब्रेड, स्नैक्स, पापड़, और पनीर में भी छुपा होता है नमक।
ज्यादा शुगर (चीनी)
शुगर से हड्डियों की कैल्शियम अवशोषण में दिक्कत होती है। इससे सूजन बढ़ती है और हड्डियों की मरम्मत धीमी पड़ती है। सिर्फ मिठाई ही नहीं, सॉस, जूस और एनर्जी बार्स में भी छुपी होती है ज्यादा चीनी।
कोला और कैफीन युक्त ड्रिंक्स
कोला जैसी ड्रिंक्स में फॉस्फोरिक एसिड होता है जो कैल्शियम के संतुलन को बिगाड़ता है। कैफीन भी यूरिन के जरिए कैल्शियम को शरीर से निकाल देता है। ऐसे ड्रिंक्स से बचना चाहिए।
अत्यधिक कैफीन (चाय और कॉफी)
कम मात्रा में कैफीन सही है, लेकिन ज़्यादा पीना कैल्शियम के नुकसान का कारण बन सकता है। दूध के साथ चाय या कॉफी पीने से नुकसान कम होता है।
शराब
शराब कैल्शियम और विटामिन D के उपयोग में रुकावट डालती है, जिससे हड्डियों की मजबूती कम होती है। ज्यादा शराब पीने से हड्डियां कमजोर होती हैं।
ज्यादा प्रोटीन (खासकर मांस से)
मांस से प्रोटीन ज्यादा लेने पर शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है। इसलिए दालें, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्जियां भी खाएं।
सफेद ब्रेड, पेस्ट्री और बिस्किट
ये खाने की चीजें हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व नहीं देतीं। इनमें मैग्नीशियम और फॉस्फोरस की कमी होती है। इनके बजाय साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस खाएं।
न्यूट्रीशन का संतुलन है जरूरी
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, मैग्नीशियम, विटामिन D, और प्रोटीन का सही संतुलन जरूरी है। सही खान-पान के साथ हल्की एक्सरसाइज भी जरूरी है।