स्टील, कांच या तांबा? जानें किस बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए सबसे बेहतर

Water Drinking Tips: पानी पीना शरीर की सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है, लेकिन अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि पानी किस बर्तन में पीना ज्यादा सही है। घरों में आमतौर पर स्टील, कांच और तांबे के बर्तन इस्तेमाल किए जाते हैं। हर बर्तन की अपनी खासियत होती है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि इनमें से कौन सा बर्तन पानी पीने के लिए ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है

अपडेटेड Mar 12, 2026 पर 3:32 PM
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Water Drinking Tips: भारत में तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा काफी पुरानी है।

पानी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक माना जाता है। लेकिन अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि पानी किस बर्तन में पीना ज्यादा बेहतर होता है। अलग-अलग बर्तनों में रखा पानी अपने गुणों में थोड़ा फर्क ला सकता है। आमतौर पर घरों में स्टील, कांच और तांबे के बर्तन ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। हर बर्तन की अपनी खासियत होती है और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह सेहत के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकते हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि पानी पीने के लिए कौन सा बर्तन ज्यादा सुरक्षित और सही माना जाता है।

स्टील के बर्तन

आजकल ज्यादातर घरों में स्टेनलेस स्टील के गिलास और बोतलें इस्तेमाल होती हैं। स्टील मजबूत होता है और इसमें जंग लगने की संभावना भी बहुत कम होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि स्टील पानी के साथ किसी तरह की हानिकारक रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करता। यही कारण है कि इसे रोजाना इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा स्टील के बर्तन साफ करना भी आसान होता है और ठीक से धोने पर इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम रहता है।


कांच के गिलास

कांच यानी ग्लास के बर्तन भी पानी पीने के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं। कांच एक न्यूट्रल मटेरियल होता है, इसलिए इसमें रखा पानी अपने असली स्वाद और गुणवत्ता को बनाए रखता है। कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कांच के गिलास में पानी पीने से पानी का स्वाद बिल्कुल शुद्ध महसूस होता है। हालांकि कांच के बर्तन थोड़े नाजुक होते हैं और गिरने पर टूट सकते हैं, इसलिए इन्हें संभालकर इस्तेमाल करना जरूरी होता है।

तांबे के बर्तन

भारत में तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा काफी पुरानी है। आयुर्वेद के अनुसार तांबे के पात्र में रखा पानी शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है। तांबे में हल्के एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पानी में मौजूद कुछ बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकते हैं। आमतौर पर तांबे के बर्तन में पानी को 6 से 8 घंटे तक रखने के बाद पीना बेहतर माना जाता है। हालांकि इसका अधिक सेवन करना उचित नहीं माना जाता, इसलिए इसका इस्तेमाल संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

आखिर कौन सा बर्तन है सबसे बेहतर?

अगर रोजमर्रा के इस्तेमाल की बात करें तो स्टील और कांच दोनों ही पानी पीने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माने जाते हैं। वहीं तांबे के बर्तन का पानी भी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उसे सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि जिस भी बर्तन में पानी रखा जाए, उसे हमेशा साफ और स्वच्छ रखें। साफ बर्तन और शुद्ध पानी ही शरीर को सही तरीके से हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।

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