गर्मी के मौसम में खीरा लगभग हर घर की थाली का हिस्सा बन जाता है। ठंडक देने वाला यह फल स्वाद और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है। बच्चे हों या बड़े, हर कोई नमक, चाट मसाला और नींबू लगाकर खीरे का मज़ा लेना पसंद करता है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि खीरा काटने से पहले अक्सर उसका सिरा रगड़ा जाता है? ऐसा करते ही उसमें से सफेद झाग जैसा पदार्थ निकलने लगता है। इसके पीछे एक दिलचस्प वैज्ञानिक कारण छिपा है।
खीरे में छिपा होता है भरपूर पानी
खीरा खाने वालों के लिए यह जानना दिलचस्प हो सकता है कि इसमें पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। कई रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर साझा जानकारी के मुताबिक खीरे में लगभग 95 प्रतिशत पानी पाया जाता है। यही वजह है कि गर्मियों में इसे खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है। इसलिए डाइटिंग करने वाले लोग भी इसे अपने खाने में शामिल करते हैं।
आखिर क्यों रगड़ा जाता है खीरे का सिरा?
अक्सर देखा जाता है कि खीरा काटने से पहले उसके दोनों सिरों को हल्का-हल्का रगड़ा जाता है। कई लोगों का मानना है कि ऐसा करने से खीरे की कड़वाहट दूर हो जाती है। दरअसल इसके पीछे एक खास तत्व जिम्मेदार होता है, जो खीरे के सिरों के पास ज्यादा मात्रा में पाया जाता है।
जब खीरे के कटे हुए सिरे आपस में रगड़े जाते हैं तो उससे सफेद झाग जैसा पदार्थ निकलता है। इस पदार्थ को कुकुरबिटासिन (Cucurbitacin) कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक एंजाइम होता है जो खीरे के कड़वे स्वाद का कारण बनता है। इसे कई लोग केमिकल समझ लेते हैं, जबकि यह खीरे में स्वाभाविक रूप से मौजूद कड़वा रस होता है।
कड़वाहट कम करने का देसी तरीका
खीरे के सिरों को रगड़ने की परंपरा काफी पुरानी है। माना जाता है कि इससे कुकुरबिटासिन बाहर निकल जाता है और खीरे का स्वाद हल्का व ताज़ा हो जाता है। यही कारण है कि कई लोग खीरा खाने से पहले इस आसान घरेलू तरीके को अपनाते हैं।