सर्दियों के मौसम में तुलसी का पौधा अक्सर मुरझा जाता है। इस दौरान उसके हरे-भरे पत्ते धीरे-धीरे सूखने लगते हैं और कुछ ही समय में पूरा पौधा कमजोर और मुरझाया हुआ दिखने लगता है। इसका मुख्य कारण कम धूप, ठंडा मौसम और तापमान में गिरावट है। ठंडी हवाओं और कम रोशनी की वजह से पौधे की ग्रोथ धीमी पड़ जाती है और जड़ें पर्याप्त पोषण नहीं ले पातीं। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं। सही देखभाल और कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने तुलसी के पौधे को फिर से हरा-भरा और मजबूत बना सकते हैं। पानी की मात्रा, मिट्टी की स्थिति और पौधे को मिलने वाली धूप पर ध्यान देना सबसे जरूरी है।
साथ ही चाय की पत्ती, हल्दी का पानी और गोबर जैसी प्राकृतिक चीजें मिट्टी में मिलाकर पौधे की सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है। यदि आप इन उपायों को सही समय पर अपनाएंगे तो आपका तुलसी का पौधा सर्दियों में भी ताजगी और हरेपन से भरा रहेगा।
तुलसी सूखने पर क्या करें?
1 पानी की मात्रा पर ध्यान दें
सर्दियों में पौधे में ज्यादा पानी न डालें। केवल तब पानी दें जब ऊपर की 1 इंच मिट्टी सूखी लगे। ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं।
महीने में 2–3 बार मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें। इससे जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचती है और पौधा स्वस्थ रहता है। जब धूप निकले तो पौधे को 3–4 घंटे सूरज की रोशनी दें।
तुलसी में डालें ये 3 जादुई चीजें
बची हुई चाय की पत्ती मिट्टी को उपजाऊ बनाती है। इसे पहले पानी से धो लें ताकि चीनी निकल जाए, फिर थोड़ा सुखाकर मिट्टी में मिला दें। चाय पत्ती नाइट्रोजन का बेहतरीन स्रोत है।
सूखते तुलसी पौधे में हल्दी का पानी डालें। हल्दी में एंटी फंगल गुण होते हैं, जो जड़ों में फंगस या कीड़े होने पर पौधे को स्वस्थ बनाए रखता है।
सूखे हुए पौधे को फिर से घना बनाने के लिए सूखी गोबर की खाद और खट्टी छाछ मिट्टी में मिलाएं। इससे जड़ें मजबूत होती हैं और तुलसी जल्दी हरा-भरा हो जाता है।