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Assembly Elections 2023 : चुनाव जीतने के लिए BJP बड़े रिस्क लेने को तैयार, नए चेहरों पर लगा रही बड़े दांव

राजनीति के जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पार्टी के संगठन से जुड़े मसलों में शामिल रहते हैं। इसकी झलक कई बार मिली है। पिछले 9 साल में पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं की उम्मीदें पूरी करने की हर मुमकिन कोशिश की है। बीजेपी के प्रेसिडेंट के रूप में अमित शाह ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को जीत को आदत बना लेने की नसीहत दी थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 19, 2023 पर 5:26 PM
Assembly Elections 2023 : चुनाव जीतने के लिए BJP बड़े रिस्क लेने को तैयार, नए चेहरों पर लगा रही बड़े दांव
पार्टी ने छत्तीसगढ़ में जिन 86 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है, उनमें 44 ऐसे लोग हैं जो पहली बार चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भी प्रयोग किया। उसने कई नए चेहरों को चुनाव लड़ने का मौका दिया।

BJP के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय विधानसभा चुनावों के उम्मीदवारों की लिस्ट में अपना नाम देखकर हैरान रह गए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्हें इससे आश्चर्य हुआ है, लेकिन वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। विजयवर्गीय को उनकी ऊंची महत्वाकांक्षा के लिए जाना जाता है। उनकी चाहत मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की रही है। शायद यही वजह है कि उन्हें लगता है कि उनका राजनीतिक कद इतना बड़ा है कि विधायक का चुनाव लड़ना उनके लिए छोटी बात होगी। अमित शाह के भाजपा अध्यक्ष बनने पर विजयवर्गीय को पार्टी का महासचिव बना दिया गया। अब जब उनके कई साथी राज्यसभा के सांसद बन चुके हैं तब विजयवर्गीय अपना मौका आने का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा ने कई चरणों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और छत्तीसगढ़ चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी की है। तेलंगाना की सूची जारी करने में देर हुई है। उम्मीदवारों की लिस्ट में कई ऐसे नाम हैं, जिन्हें देखकर लोगों को हैरानी हुई है।

उम्मीदवारों के चयन में अप्रत्याशित कदम उठाने का है रिकॉर्ड

BJP ने त्रिपुरा में विधानसभा चुनावों से करीब 9 महीने पहले बिपलब देब की जगह माणिक शाह को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था। जब त्रिपुरा चुनाव को लेकर ज्यादा खबरे नहीं आ रही थी, तब केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक को भाजपा ने चुनावी समर में उतारने का फैसला किया था। भाजपा ने उत्तरपूर्वी राज्यों में गुटबाजी को बहुत अच्छी तरह से हैंडल किया है। दरअसल पार्टी नहीं चाहती थी कि जिस राज्य को उसने वामदलों को सत्ता से बेदखल कर हासिल किया है, उसे आसानी से गंवा दिया जाए। पार्टी इस मकसद को हासिल करने में सफल रही।

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