केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को 2003-2023 तक मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) का 'रिपोर्ट कार्ड' (Report Card) जारी किया। उन्होंने कहा कि इन सालों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने सफलतापूर्वक राज्य से 'बीमारू का टैग हटा दिया है, जो कांग्रेस शासन काल की एक विरासत थी।' उन्होंने कहा कि BJP सरकार ने पिछले 20 सालों में राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की नींव रखी।
उन्होंने साफतौर से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने 2003 में "मिस्टर बंटाधार" की सरकार को हटाकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
शाह ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश BJP अध्यक्ष वी.डी. शर्मा और राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में सरकार का 20 सालों का 'रिपोर्ट कार्ड' जारी किया।
उन्होंने विपक्षी कांग्रेस से राज्य में अपने लगभग पांच दशक के शासन का रिपोर्ट कार्ड देने को भी कहा। मध्य प्रदेश में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
शाह ने यह विश्वास भी जताया कि BJP अगले साल होने वाले आम चुनाव में राज्य की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतेगी।
बीमारू शब्द का इस्तेमाल अक्सर बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए किया जाता है, जिसका मतलब है कि ये राज्य आर्थिक विकास, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और दूसरे इंडेक्स में पिछड़े हुए हैं।
शाह ने कहा, "मध्य प्रदेश 1956 में अस्तित्व में आया और तब से, पांच-छह सालों को छोड़कर, कांग्रेस ने 2003 तक राज्य पर शासन किया, लेकिन उनके शासन के दौरान राज्य बीमारू बना रहा।"
उन्होंने कहा, "हालांकि, बीजेपी सरकार ने सफलतापूर्वक राज्य को बीमारू टैग से बाहर निकाला है और अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं को लागू करके विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है।"
शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश गेहूं निर्यात में 45% योगदान के साथ देश में शीर्ष पर है। इसने देश में पहले स्थान पर (उस क्षेत्र में) बने रहने के लिए 3.62 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड (सरकारी स्वास्थ्य योजना के) वितरित किए हैं। और मप्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत विकसित ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता देश में सबसे अच्छी है।
उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश ने देश में पहला नंबर हासिल करने के लिए कृषि अवसंरचना निधि योजना के तहत ₹4,300 करोड़ के मामलों को मंजूरी दी है, राज्य पीएम आवास योजना (PMAY) के तहत ग्रामीण इलाकों में घर बनाने में दूसरे नंबर पर है। यहां का इंदौर शहर स्वच्छता योजना में पिछले छह साल से पहला नंबर बरकरार है।