मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chouhan) को महिला मतदाताओं का समर्थन मिलने का भरोसा है। महिलाओं से सीधी बातचीत का जिम्मा उन्होंने अपनी पत्नी साधना सिंह (Sadhna Singh) को दे दिया है। वह महिला वोटर्स को उम्मीद दिला रही हैं कि उनकी जो उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं, इस बार उनके पति के चुनाव जीतने पर वे पूरी हो जाएंगी। साधना सिंह ने सीहोर जिले के रेहती गांव में भाजपा ऑफिस का उद्घाटन किया। इस मौके का इस्तेमाल उन्होंने महिलाओं से सीधी बातचीत के लिए किया। उन्होंने कहा कि मैं जानती हूं कि आपकी कुछ शिकायतें हैं। लेकिन, चिंता मत कीजिए। मेरा वादा है कि इस बार साहेब के मुख्यमंत्री बनते ही सभी शिकायतें दूर हो जाएंगी। उन्होंने जमकर कांग्रेस का मुकाबला करने का भरोसा महिलाओं को दिलाया। दरअसल, शिवराज सिंह चौहान को इस बार सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है। बीच के थोड़े समय को छोड़ दें तो वह लंबे समय से राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
महिलाओं को लुभाने के लिए शिवराज ने किए बड़े वादे
शिवराज को राज्य के लोग मामाजी कहते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में महिलाओं के लिए कई बड़ी स्कीमों का ऐलान किया है। लाडली बहना योजना इनमें सबसे प्रमुख है। इस स्कीम में सरकार महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजती है। इसके अलावा उन्हें कम रेट पर रसाई गैस सिलेंडर भी दिया जाता है। इस योजना से राज्य की महिलाएं खुश बताई जाती हैं। उधर, कांग्रेस भी महिला मतदाताओं को लुभाने में किसी तरह का कसर नहीं छोड़ती है। महिलाओं से सीधी बातचीत के लिए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को मैदान में उतारा है। प्रियंका कांग्रेस की महासचिव है। वह अपनी रैलियों में शिवराज पर महिलाओं के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगा रही हैं।
बड़ी जीत हासिल करने के लिए महिलाओं वोटर्स का समर्थन जरूरी
रेहती ने भाजपा के ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर एक महिला से जब कांग्रेस के वादों के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि आपको कैसे पता कि कमलनाथ ने जो वादे किए है, उन्हें वे पूरा करेंगे। महिला ने कहा, "कमलनाथ जब अपनी सरकार नहीं बचा पाए तो वह हमलोगों की क्या सुरक्षा करेंगे।" कार्यक्रम में मौजूदा महिला की बात से चाहे जो भी लगता हो। हकीकत यह है कि अगले महीने शिवराज सिंह चौहान बड़ा इम्तहान देने जा रहे हैं। उन्हें पता है कि अगर उन्हें अगले पांच साल और राज्य में सरकार चलानी है तो उन्हें बड़े मार्जिन से जीत हासिल करनी होगी।
चुनावी नतीजों पर बढ़ रहा महिला मतदाताओं का असर
साधना सिंह भी यह जानती हैं तभी उन्होंने महिलाओं से कहा कि पिछली बार मतदान में कुछ कमी रह गई थी। उन्हें इस बात का भी अहसास है कि रेहती और बुधनी की कई महिलाओं का मानना है कि शिवराज सरकार ने उनकी अनदेखी की है। शिवराज मतदाताओं के इस संदेह को भी दूर कर देना चाहते हैं कि भाजपा के चुनाव जीतने पर वह मुख्यमंत्री बनेंगे। इसके लिए वह बड़े अंतर से जीत हासिल कर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को मजबूत संदेश देना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि अगर उन्होंने विधानसभा में महिलाओं का समर्थन हासिल कर लिया तो इसका फायदा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में भी उठाया जा सकता है। तब नरेंद्र मोदी तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाने के लिए चुनावी समर में उतरेंगे।