महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो रहा है। सत्तारूढ़ महायुति ने शनिवार को विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की, लेकिन घटक दलों - भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिंदे सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) ने सोमवार, 25 नवंबर तक भी महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं की है। जहां बीजेपी और NCP (अजित पवार) खेमा देवेंद्र फडणवीस को लेकर उत्सुक है, तो वहीं सेना एकनाथ शिंदे की सीएम के रूप में वापसी की मांग कर सकती है। अगले तीन-चार दिनों में महाराष्ट्र में तस्वीर साफ होने की संभावना है।
फडणवीस और शिंदे सोमवार को एक शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं और इस मौके पर उनकी गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह के साथ अनौपचारिक बैठक हो सकती है। शपथ ग्रहण 28 या 29 नवंबर को संभावित है।
हालांकि, अब सवाल ये है कि अगर विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो जाएगा और सरकार इस तारीख से पहले शपथ नहीं ले पाएगी, तो क्यों होगा? अगर महायुति दिन के आखिर तक मुख्यमंत्री के नाम पर निर्णय नहीं ले पाती है, तो क्या होगा? क्या महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगेगा?
विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के गठन या नए मुख्यमंत्री के लिए 26 नवंबर से पहले शपथ लेना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “यह धारणा गलत है कि आधी रात के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन खुद बा खुद लागू हो जाएगा, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। 26 नवंबर तक नई सरकार के गठन के लिए कोई संवैधानिक बाध्यता नहीं है।"
पहले भी बाद में हुई सरकार की शपथ
सूत्रों ने आगे बताया कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद CM का शपथ ग्रहण हुआ। डालें एक नजर:
- 10वीं विधानसभा का कार्यकाल 19 अक्टूबर 2004 को खत्म हुआ और 11वीं विधानसभा के लिए नए सीएम का शपथ ग्रहण 1 नवंबर 2004 को हुआ।
- 11वीं विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2009 को खत्म हुआ और 12वीं विधानसभा के लिए नए मुख्यमंत्री ने 7 नवंबर 2009 को शपथ ली।
- 12वीं विधानसभा का कार्यकाल 8 नवंबर 2014 को खत्म हुआ और 13वीं विधानसभा के लिए नए सीएम ने 31 अक्टूबर 2014 को शपथ ली।
- 13वीं विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर, 2019 को खत्म हुआ और 14वीं विधानसभा के लिए नए सीएम ने 28 नवंबर, 2019 को शपथ ली।
कानून के तहत मौजूद प्रावधानों के अनुसार, चुनाव आयोग नई विधानसभा के गठन को नोटिफाई करेगा, जो रविवार रात को किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सोमवार को इस्तीफा दे देंगे और राज्यपाल उन्हें नई सरकार बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कह सकते हैं। हालांकि, ये लेख लिखे जाने तक ऐसे कुछ भी नहीं हुआ।