Rajasthan Assembly Election 2023: आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि टिकट देते समय उम्मीदवार के जीतने का माद्दा भी देखा जाएगा। गहलोत ने हालांकि कहा कि स्थानीय स्तर पर जनता के काम तो मौजूदा विधायकों के जरिए ही हुए हैं तो उन्हें कैसे टिकट से इनकार किया जा सकता है? राजस्थान विधानसभा की कुल 200 विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को एक ही चरण में मतदान होगा और 3 दिसंबर को मतगणना होगी। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) ने बुधवार को राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर चर्चा की। बैठक से पहले पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की कुछ बैठकों में सभी सीट पर संभावित उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हो चुकी है।
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भाग लेने के लिए जयपुर से रवाना होने से पहले गहलोत ने टिकट वितरण को लेकर मीडिया से कहा, "जीतने का माद्दा देखा जाएगा। उसके आधार पर ही सारे फैसले हो रहे हैं।" कुछ मौजूदा विधायकों की शिकायतों व उन्हें टिकट नहीं दिए जाने की अटकलों की ओर इशारा करते हुए गहलोत ने कहा, "कुछ विधायकों की शिकायत हो सकती है। मैं नहीं कह सकता कि उनका सर्वेक्षण में क्या होगा? मैं मानता हूं कि सब विधायक भ्रष्ट नहीं होते।"
भ्रष्टाचार के आरोपों को किया खारिज
उन्होंने कहा कि विधायकों की मांग पर ही महंगाई राहत शिविर एवं कॉलेज खोले गए हैं तथा सड़कें बनवाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों की मांग पर ही तहसीलें और नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता से जुड़ाव विधायक का ही होता है। गहलोत ने कहा कि राज्य के कांग्रेस विधायकों के भ्रष्ट होने की अफवाहें मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने उड़ाई हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकतंत्र को बचाना है तो कांग्रेस को सत्ता में लाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "मौजूदा कांग्रेस सरकार ने अच्छा काम किया है। उसकी योजनाएं अच्छी हैं। मुख्यमंत्री से लोगों को शिकायत नहीं। लोग हमारे काम व हमारी योजनाओं की प्रशंसा कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं संभवत: हिंदुस्तान में कहीं नहीं आई हैं। ये मेरा नहीं राजस्थान वासियों का गौरव है कि उनकी सरकार ने वे फैसले किए कि आज राजस्थान देश भर में चर्चा में आ गया।
गौशालाओं एवं मंदिरों का हुआ पुनर्विकास
गायों, गौशालाओं एवं मंदिर पुनर्विकास की अपनी सरकार की विभिन्न पहलों का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा, "इनसे (विपक्ष) पूछो कि जो काम हिंदुओं के लिए हमने किया है, आपने किया है क्या? आप किस मुंह से हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगोगे? इनकी पोल खुल रही है अब ये खाली ईडी, आयकर, सीबीआई इनके साथ रह गई है… जनता इनके साथ नहीं रही अब।" अपनी सरकार पर साल 2020 में आए राजनीतिक संकट का जिक्र करते हुए गहलोत ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित BJP के नेताओं पर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि उसके बाद देश में राजस्थान ने अलग ही दर्जा हासिल कर लिया, क्योंकि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में सरकार गिर गई लेकिन यहां सरकार नहीं गिर पाई। कांग्रेस विधायकों के भ्रष्ट होने की अफवाहें मुख्य विपक्षी दल BJP द्वारा उड़ाए जाने का दावा करते हुए गहलोत ने कहा कि अगर सरकार का समर्थन करने वाले विधायक भ्रष्ट होते तो उन्हें पहले 10-10 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी तो वे ये पैसे ले नहीं लेते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्यपाल ने विधानसभा की बैठक बुलाने की तारीख तय कर दी तो विधायकों को दी जाने वाली पेशकश में इज़ाफा कर दिया गया।