Rajasthan Polls: 'हिंदू योगी' बनाम 'मुस्लिम धर्मगुरु का बेटा', पोकरण के परीक्षण में कौन होगा पास?

Pokran Vidhansabha Election: राजस्थान के जैसलमेर जिले में आने वाले पोकरण विधानसभा (Pokran Vidhansabha) में इस समय हर ओर परमाणु परीक्षणों से ज्यादा चुनावी परीक्षण की चर्चा है। पिछले 2 विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी यहां काफी करीबी मुकाबला होने की उम्मीद है। सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी बीजेपी दोनों ने इस सीट पर कोई नया परिवर्तन किए बिना अपने पुराने चेहरों पर ही दांव लगाया है

अपडेटेड Oct 28, 2023 पर 8:41 AM
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Rajasthan Election: 2018 में कांग्रेस के शाले मोहम्मद 872 वोटों के अंतर से जीतकर विधायक बने थे

Rajasthan Eletion 2023: राजस्थान के जैसलमेर जिले में आने वाले पोकरण विधानसभा (Pokran Vidhansabha) में इस समय हर ओर परमाणु परीक्षणों से ज्यादा चुनावी परीक्षण की चर्चा है। पिछले 2 विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी यहां काफी करीबी मुकाबला होने की उम्मीद है। सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी बीजेपी दोनों ने इस सीट पर कोई नया परिवर्तन किए बिना अपने पुराने चेहरों पर ही दांव लगाया है। कांग्रेस ने जहां पोकरण विधानसभा से अपने मौजूदा विधायक और गहलोत सरकार में केंद्रीय मंत्री शाले मोहम्मद (Shale Mohammad) को एक बार फिर टिकट दिया है। वहीं बीजेपी ने भी पिछले चुनाव में करीबी अंतर से हारे अपने उम्मीदवार महंत प्रतापपुरी (Pratap Puri) को दोबारा मैदान में उतारा है।

यह चुनावी मुकाबला इस तथ्य से और भी दिलचस्प हो जाता है कि शाले मोहम्मद एक मुस्लिम धर्मगुरु के बेटे हैं। उनके पिता गाजी फकीर के सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सीमा पार पाकिस्तान में भी बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। वहीं बीजेपी उम्मीदवार प्रतापपुरी, तारातारा 'मठ' के महंत हैं। उनके समर्थक यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से उनकी तुलना करते हुए उन्हें 'बाड़मेर का योगी' बताते हैं।

पोकरण में धर्म बड़ा मुद्दा

प्रतापपुरी और गाजी फकीर दोनों का अपने समुदायों के बीच काफी प्रभाव है। ऐसे में पोकरण विधानसभा में बाकी मुद्दों के साथ धर्म भी एक बड़ा मुद्दा रहता है। इसके अलावा पानी की उपलब्धता, पशुओं का चारा और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का न होना भी क्षेत्र के लिए बड़े चुनावी मुद्दे हैं।


2018 में बस 872 वोटों से मिली जीत

इससे पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के शाले मोहम्मद और BJP के प्रतापपुरी में कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस चुनाव में शाले मोहम्मद ने 872 वोटों के करीबी अंतर से जीत हासिल की। शाले मोहम्मद को कुल 82,964 मत मिले, जबकि इनके मुकाबले प्रतापपुरी को 82,094 वोट मिले थे।

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अबतक कांग्रेस का पलड़ा भारी

पोकरण विधानसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी। तब से अब तक पिछले 3 चुनावों में 2 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है। साल 2008 के चुनाव में शाले मोहम्मद यहां से पहली बार विधायक बने थे। हालांकि फिर 2013 के चुनाव में वह बीजेपी के शैतान सिंह से 34,444 वोटों से हार गए थे। फिर 2018 में शाले मोहम्मद को दोबारा इस सीट से जीत मिली।

मौजूदा स्थिति

शाले मोहम्मद के पिता का सिंधी मुस्लिम समुदाय में काफी प्रभाव है। वहीं दूसरी ओर प्रतापपुरी के बाड़मेर में स्थित मठ का लगभग पूरे जोधपुर संभाग में काफी प्रभाव है। इन दोनों बड़े चेहरों के चलते यह पश्चिमी राजस्थान के सबसे हॉट चुनावी सीटों में से एक बन गया है।

पोकरण विधानसभा में मुस्लिम, राजपूत और दलित समुदाय के लोग काफी संख्या में हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों का यहां फोकस दलित वोटबैंक को साधने में है, जो यहां जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में है। कुल मिलाकर पोकरण सीट पर चुनाव काफी करीबी मुकाबला होने की उम्मीद है।

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