Rajasthan Election 2023: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने राजस्थान (Rjasthan) में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) समेत राज्य के पार्टी नेताओं के साथ मंगलवार को लंबी बैठक कीं। 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपने बाकी उम्मीदवारों के नाम तय करने की कवायद के तहत ये बैठक हुई
करीब छह घंटे तक चली बैठक में राजे के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल तथा भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सी पी जोशी भी मौजूद रहें। जोशी राजस्थान के लिए BJP के चुनाव प्रभारी हैं।
इस बैठक के बाद नड्डा और शाह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Sing Chouhan) और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत राज्य के पार्टी नेताओं के साथ एक और दौर की बैठक की।
BJP ने 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा के चुनाव के लिए सात सांसदों समेत 41 उम्मीदवारों के नाम ऐलान कर दिया। इसके अलावा 230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए तीन केंद्रीय मंत्रियों और चार अन्य सांसदों समेत 136 उम्मीदवारों के नाम अभी तक घोषित किए हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि BJP राजस्थान में गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल समेत कुछ केंद्रीय मंत्रियों को भी उम्मीदवार बना सकती है।
राजस्थान में कार्यकर्ताओं के एक वर्ग और टिकट देने में जिन लोगों की उपेक्षा की गई, उनके असंतोष के बीच पार्टी नेतृत्व ने नाराजगी कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। नड्डा ने सोमवार को राजस्थान के दौरे पर बीजेपी के कई पदाधिकारियों से मुलाकात की थी।
पार्टी की तरफ से जिन लोगों को टिकट नहीं दिया गया है, उनमें से कुछ को राजे का करीबी माना जाता है। इससे ऐसी अफवाहों को बल मिला है कि वह नाराज हो सकती हैं, लेकिन राजे ने अभी सार्वजनिक रूप से कोई नाराजगी नहीं जताई है।
इससे पहले, प्रसिद्ध मेवाड़ राजा महाराणा प्रताप सिंह के वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ और करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी के बेटे भवानी सिंह कालवी बीजेपी में शामिल हुए। उन्होंने चुनाव प्रभारी जोशी, मेघवाल, सांसद दीया सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और उसके प्रवक्ता अनिल बलूनी की मौजूदगी में भगवा पार्टी का दामन थामा।
BJP ने पांच बार के विधायक और पार्टी के दिग्गज नेता भैरों सिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी का इस बार टिकट काट दिया। नरपत ने टिकट न दिए जाने पर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। इसके के बाद से पार्टी राजपूतों के गुस्से को शांत करने की कोशिश की है।
BJP राजस्थान में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने और मध्य प्रदेश में फिर से सत्ता हासिल करने की उम्मीद कर रही है, जहां कांग्रेस के साथ करीबी मुकाबला है।