Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार से आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता की घोषणा के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट भी जारी कर दी है। BJP की इस पहली लिस्ट में कुल 41 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। इन प्रत्याशियों में 7 सांसद भी शामिल हैं। जिन्हें विधायकी के मैदान में उतारा गया है। वहीं पार्टी ने वसुंधरा राजे खेमे के नेताओं का पत्ता साफ कर दिया है। ऐसे में टिकट नहीं मिलने पर राजे खेमे के नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया है।
दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत उनके मंत्रिमंडल के 24 सदस्यों को टिकट दे दिया गया है। कयास ये थे कि कई मंत्रियों के टिकट कट सकते हैं। BJP की इस रणनीति से हर कोई हैरान है। बीजेपी इससे पहले अपनी तीन लिस्ट में कुल 79 प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। पहली और दूसरी सूची में 39-39 नाम थे, जबकि तीसरी में केवल एक नाम मोनिका बट्टी का था।
BJP ने इन दिग्गजों को बनाया प्रत्याशी
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशियों की पहली सूची में 7 सांसदों शामिल किया गया है। पार्टी हर हाल में राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के मूड में है। लिहाजा सांसद दीया कुमारी, डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, बाबा बालकनाथ, कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, भागीरथ चौधरी, नरेन्द्र कुमार और देवजी पटेल को विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में अभी तक कांग्रेस के प्रत्याशी अपनी लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी टिकटों की घोषणा के लिए 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि का इंतजार कर रही है।
इन दिग्गज नेताओं के कटे टिकट
भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मंत्री और दो बार के पूर्व विधायक राजपाल सिंह शेखावत को झोटवाड़ा से टिकट नहीं मिला है। वहीं तीन बार के मौजूदा विधायक नरपत सिंह राजवी को विद्याधर नगर से टिकट देने से इनकार कर दिया गया है। झोटवाड़ा में बीजेपी ने लोकसभा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को मैदान में उतारा है। जबकि विद्याधर नगर में सांसद दीया कुमारी को उम्मीदवार बनाया है।
वसंधुरा खेमे के नेताओं ने किया विरोध
राजपाल शेखावत और नरपत राजवी को वसुंधरा राजे के करीबी के तौर पर देखा जाता है। राजवी ने यहां तक पूछा है कि बीजेपी ने दीया कुमारी को क्यों चुना है जिनके ‘परिवार ने मुगलों के सामने घुटने टेक दिए थे’। जबकि शेखावत राठौड़ को ‘बाहरी’ कहा है। बाबा बालकनाथ, किरोड़ी लाल मीणा, भागीरथ चौधरी और देवी पटेल जैसे सांसदों की जगह टिकट काटने वाले नेता भी विरोध कर रहे हैं। हालांकि, भाजपा को लगता है कि राजपाल शेखावत और नरपत राजवी सहित इन उम्मीदवारों के पास ये सीटें जीतने का मौका नहीं था और इसलिए पार्टी ने कड़ी टक्कर देने के लिए अपने सांसदों को मैदान में उतारा है।