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Rajasthan Election 2023 : कांग्रेस जीतती है तो कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जानिए सचिन पायलट ने इस सवाल का दिया क्या जवाब

Rajasthan Election 2023 : 2018 में विधानसभा चुनावों के बाद अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के पांच सालों में सचिन पायलट और उनके रिश्ते कभी सामान्य नहीं रहे। पायलट ने इस दौरान कई बार गहलोत के खिलाफत बगावत की। एक बार तो वह कांग्रेस से रिश्ता तोड़ने के करीब पहुंच गए थे। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व किसी तरह पायलट को पार्टी में बने रहने के लिए मनाने में कामयाब रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 23, 2023 पर 11:49 AM
Rajasthan Election 2023 : कांग्रेस जीतती है तो कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जानिए सचिन पायलट ने इस सवाल का दिया क्या जवाब
Rajasthan Election 2023 : 2018 के चुनावों में कांग्रेस के जीतने के बाद आलाकमान ने गहलोत को मुख्यमंत्री और पायलट को उप-मुख्यमंत्री बनाया था। लेकिन, कभी दोनों एक दिशा में चलते नहीं देखे गए। गहलोत ने पायलट पर जिस तरह के आरोप लगाए थे, उसे किसी के लिए भी भूला देना बहुत मुश्किल है।

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान में इस बार के विधानसभा चुनावों में जिस शख्स पर सबसे ज्यादा नजरें लगी हुई हैं, वह हैं सचिन पायलट (Sachin Pilot)। इसकी कई वजहें हैं। लेकिन, सबसे बड़ी वजह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पायलट के रिश्तों की तल्खी है। 2018 में अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद के पांच सालों में दोनों के रिश्ते कभी सामान्य नहीं रहे। पायलट ने इस दौरान कई बार गहलोत के खिलाफत बगावत की। एक बार तो वह कांग्रेस से रिश्ता तोड़ने के करीब पहुंच गए थे। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व किसी तरह पायलट को पार्टी में बने रहने के लिए मनाने में कामयाब रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कांग्रेस इस बार चुनाव जीत जाती है तो राज्य के सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा?

लगातार दूसरी बार कांग्रेस की जीत की उम्मीद

न्यूज18 ने पायलट के साथ बातचीत में उनसे पहला सवाल यही पूछा। पायलट ने बगैर एक क्षण सोचे कहा कि कांग्रेस के लिए पहले चुनावों में जीत हासिल करना जरूरी है, उसके बाद ही यह तय होगा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि राज्य के वोटर्स इस बार परंपरा को तोड़ेंगे और कांग्रेस को लगातार दूसरी बार कांग्रेस चलाने का मौका देंगे। पायलट के जवाब से कम से कम यह तो साफ हो जाता है कि फिलहाल गहलोत और उनके बीच सुलह की स्थिति है, जो कांग्रेस के हित में है।

मल्लिकार्जुन खड़गे की नसीहत

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