Rajasthan Election 2023: कांग्रेस के खिलाफ बागी नेताओं और समर्थकों का प्रदर्शन, टायर और पुतले भी फूंके
Rajasthan Election 2023: कांग्रेस ने मंगलवार को 61 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जिसमें खिलाड़ी लाल बैरवा, भरत सिंह, भरोसी लाल जाटव, हीरा लाल मेघवाल, जौहरी लाल मीणा, बाबूलाल बैरवा समेत सात मौजूदा कांग्रेस विधायकों का टिकट काट दिया गया। बैरवा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे सच बोलने और पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े होने की सजा मिली है
MoneyControl News
अपडेटेड Nov 02, 2023 पर 2:36 PM
Rajasthan Election 2023: कांग्रेस के खिलाफ बागी नेताओं और समर्थकों का प्रदर्शन
Rajasthan Election 2023: राजस्थान में टिकट कटने से कांग्रेस (Congress) के नाराज नेताओं और समर्थकों ने बुधवार को कई जगह विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने टायर और पुतले जलाकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी आलाकमान को पत्र लिखे हैं, धरने दिए और यहां तक कि कुछ नेताओं ने पार्टी की ओर से जारी लिस्ट के बाद अपने-अपने पदों से इस्तीफा तक दे दिया है। टिकट नहीं मिलने के बाद बसेड़ी से मौजूदा विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस ने मंगलवार को 61 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जिसमें खिलाड़ी लाल बैरवा, भरत सिंह, भरोसी लाल जाटव, हीरा लाल मेघवाल, जौहरी लाल मीणा, बाबूलाल बैरवा समेत सात मौजूदा कांग्रेस विधायकों का टिकट काट दिया गया।
बैरवा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे सच बोलने और पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े होने की सजा मिली है।” चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा, "समर्थक जो कहेंगे मैं वही करूंगा।" बैरवा पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थक हैं।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
जयपुर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) मंत्री महेश जोशी के समर्थकों ने उन्हें हवामहल सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
पार्टी ने अभी तक जोशी को टिकट नहीं दिया है और हवामहल से कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
बता दें कि पार्टी आलाकमान ने 25 सितंबर 2022 को विधायक दल की बैठक के खिलाफ विधायकों की समानांतर बैठक करने के लिए जोशी और शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
सांगोद से विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने प्रदेश पार्टी प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत उन्हें टिकट नहीं दिया गया और किसी बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया। कुंदनपुर पहले भी गहलोत सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं।
राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से एक और विधायक जौहरी लाल मीणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भंवर जितेंद्र सिंह के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने दावा किया कि सर्वे में शीर्ष पर रहने के बावजूद टिकट काटकर बाहरी व्यक्ति को दे दिया गया है। जौहरी लाल और उनके बेटे के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज है।
नेताओं के फूंके पुतले
कांग्रेस ने बाड़मेर में शिव सीट से मौजूदा विधायक अमीन खान पर भरोसा जताया है। हालांकि, इस बार खान को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टिकट के लिए दावेदारी कर रहे बाड़मेर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष फतेह खान ने अपने समर्थकों के साथ बाड़मेर में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस विरोधी नारे लगाते हुए पार्टी आलाकमान की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के पुतले भी फूंके।
फतेह खान ने कहा कि 'सभी सर्वे, मानदंडों और समीकरणों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस आलाकमान ने मौजूदा विधायक को फिर से उम्मीदवार बनाया है। यह उचित नहीं है।'
उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लेंगे।
सिवाना सीट से पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह को टिकट देने पर गहलोत के करीबी सुनील परिहार ने भी बागी होने के संकेत दिए हैं।
इसी तरह गंगानगर, चूरू, अजमेर और बीकानेर, अलवर में भी असंतुष्ट नेताओं और उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
बीकानेर में, कांग्रेस के दो नेताओं- अब्दुल माजिद खोखर और गुलाम मुस्तफा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और घोषणा की है कि वे बीकानेर (पश्चिम) और बीकानेर (पूर्व) सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
शिक्षा मंत्री बी. डी. कल्ला को बीकानेर पश्चिम और जिला कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत को बीकानेर पूर्व सीटों से पार्टी का टिकट दिया गया।
श्रीगंगानगर में निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ के समर्थकों ने भी कांग्रेस द्वारा अंकुर मिगलानी को पार्टी टिकट देने पर आपत्ति जताई है।