Rajasthan Election 2023: जब एक चप्पल की दुकान चलाने वाला बना विधायक, नानकराम जगतराय की सादगी के कायल थे अशोक गहलोत

Rajasthan Election 2023: साल 2003 से पहले इस सीट को अजमेर पश्चिम (Ajmer West) के नाम से जाना जाता था। ये सीट उस सादगी की गवाह भी बन चुकी है, जब एक चप्पल की दुकान चलाने वाला शख्स यहां से विधायक बन कर सदन में पहुंचा था। दरगाह बाजार-मोतीकटला पर चप्पल की दुकान चलाने वाले नानकराम जगतराय (Nanakram Jagatrai) ने शायद ही कभी ये सोचा होगा कि वह एक दिन विधायक भी बनेंगे। ये बात है साल 2002 के उपचुनाव की

अपडेटेड Oct 19, 2023 पर 8:53 PM
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Rajasthan Election 2023: जब एक चप्पल की दुकान चलाने वाला बना विधायक

Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) में यूं तो कई सीटों का अपना एक अलग इतिहास या कोई न कोई महत्तव रहा है। लेकिन अजमेर उत्तर विधानसभा सीट (Ajmer North Seat) का ऐसा चुनावी किस्सा है, जिसे वर्तमान में पैसे और पावर की गुलाम होती राजनीति के लिए एक अपवाद कहा जा सकता है। साल 2003 से पहले इस सीट को अजमेर पश्चिम (Ajmer West) के नाम से जाना जाता था। ये सीट उस सादगी की गवाह भी बन चुकी है, जब एक चप्पल की दुकान चलाने वाला शख्स यहां से विधायक बन कर सदन में पहुंचा था।

दरअसल दरगाह बाजार-मोतीकटला पर चप्पल की दुकान चलाने वाले नानकराम जगतराय (Nanakram Jagatrai) ने शायद ही कभी ये सोचा होगा कि वह एक दिन विधायक भी बनेंगे। ये बात है साल 2002 के उपचुनाव की।

1998 में राजस्थान में कांग्रेस की लहर थी। इसी लहर में किशन मोटवानी ने लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने का रिकार्ड बनाया। तब 62510 में से मोटवानी को 34802 वोटों के साथ जीत हासिल हुई। जबकि उनके सामने हरीश झामनानी को 23460 वोट मिले।


सादगी-सरलता को मिला जनता का साथ 

इससे पहले 1993 के चुनाव में जीत तो बीजेपी को मिली थी, लेकिन तब भी किशन मोटवानी ने इस सीट पर बीजेपी के हरीश झामनानी को हरा दिया था। हालांकि, जीत का अंतर महज 301 वोटों का था।

इसके बाद फरवरी 2002 में अजमेर पश्चिम के विधायक किशन मोटवानी का निधन हो जाता है। अब उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशी की तलाश शुरू की।

बेहद ही साधारण परिवार के नानकराम जगतराय को कांग्रेस ने टिकट दिया। उनकी सादगी-सरलता को जनता का साथ मिला और वह उपचुनाव जीत गए। हालांकि, इसके बाद लगातार तीन बार BJP के वासुदेव देवनानी इस सीट पर काबिज रहे।

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कांग्रेस के पुराने नेता बताते हैं कि नानकराम अपनी हर जनसभा में यही कहते थे कि उनकी साफ छवि के कारण CID की रिपोर्ट पर ही उन्हें टिकट मिला है।

इसका मजेदार किस्सा भी है। हुआ ये है कि अजमेर के डिग्गी चौक में नानकराम की सभा थी। उन्होंने जनसभा में भी यही बात दोहराई कि उन्हें CID की रिपोर्ट के आधार पर ही पार्टी ने टिकट दिया है। इस पर वहां बैठे पूर्व विधायक केसी चौधरी ने मंच से ही कहा कि CID की रिपोर्ट पर किसी को टिकट नहीं मिलता, हां टिकट कट जरूर जाता है।

नानकराम की साफ छवि और साधारण व्यक्तित्व से खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी काफी प्रभावित हुए थे। उपचुनाव में उनकी जीत पर अशोक गहलोत ने भरी सभा में कहा था कि मुझे 100 ऐसे नानकराम चाहिए, जो सादगी से अपना जीवन जीते हैं।

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