Mauni Amavasya 2025: कब है मौनी अमावस्या ? पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति, जानें स्नान और दान का शुभ मुहूर्त

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। यह दिन पवित्र स्नान, पिंडदान, तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष है। गंगा स्नान और मौन व्रत से पापों से मुक्ति व आत्म-शुद्धि होती है। पितरों को मोक्ष और कृपा प्राप्ति के लिए यह तिथि अत्यंत शुभ मानी गई है

अपडेटेड Jan 22, 2025 पर 1:39 PM
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Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या पर दान करने की परंपरा अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी गई है।

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना और पितरों के तर्पण व पिंडदान के लिए विशेष महत्व रखता है। अमावस्या की सभी तिथियों में माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं और पितरों को तर्पण व पिंडदान अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर किए गए तर्पण और श्राद्ध से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है जिससे उनके वंशजों पर उनकी कृपा बनी रहती है।

इस बार मौनी अमावस्या पर महाकुंभ के दौरान अमृत स्नान का शुभ संयोग बन रहा है जो इसे और भी विशेष बनाता है। इस दिन स्नान, मौन व्रत और दान-पुण्य जैसे शुभ कार्यों को अत्यधिक फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इन कामों से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का संचार होता है।

कब मनाई जाती है मौनी अमावस्या?


पंचांग के अनुसार मौनी अमावस्या माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को पड़ेगी। इस शुभ तिथि की शुरुआत 28 जनवरी 2025 को रात 7:35 बजे होगी और इसका समापन 29 जनवरी 2025 को शाम 6:05 बजे होगा। इस दिन को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है।

मौनी अमावस्या पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान

पवित्र स्नान का महत्व: मौनी अमावस्या पर गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी माना गया है। ऐसा करने से व्यक्ति को अपने पापों से मुक्ति मिलती है।

पिंडदान और तर्पण: इस दिन पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को शांति मिलती है। यह कर्म पितृ दोष से मुक्ति दिलाने और घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने में सहायक होता है।

दान का महत्व: मौनी अमावस्या पर दान करने की परंपरा अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी गई है। इस दिन गर्म वस्त्र, अन्न, धन, और तिल दान करने से जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं।

मौनी अमावस्या पर किन चीजों का दान करें?

वस्त्र दान: गरीबों और ज़रूरतमंदों को गर्म कपड़ों का दान करें। यह पितरों को प्रसन्न करता है और जीवन में सुख-शांति लाता है।

अन्न और धन का दान: अन्न और धन का दान करने से घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती। यह कर्म आर्थिक समृद्धि और पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है।

तिल का दान: तिल का दान और तिल से हवन करना भी इस दिन शुभ माना गया है। यह स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए लाभकारी होता है।

आध्यात्मिक दृष्टि से मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या न केवल पितरों की तृप्ति का दिन है बल्कि यह आत्म-शुद्धि और आध्यात्मिक साधना का पर्व भी है। मौन व्रत और ध्यान करने से आत्मा की शांति मिलती है। इस दिन किया गया हर शुभ कार्य कई गुना फलदायी होता है।

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