मुश्किलों में फंसे रहते हैं तो पितरों से ऐसे मांगिए माफी, बन जाएंगे सारे बिगड़े काम

Pitra Dosh Upay: पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति अपने पूर्वजों को खुश करना चाहते है तो उसको पितृ कार्येषु अमावस्या के दिन अपने पूर्वजों पितरों के निमित्त कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करने पर पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है

अपडेटेड Nov 22, 2024 पर 4:59 PM
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अमावस्या के दिन पितरों को निमित्त अनुष्ठान करके उन्हें खुश कर सकते हैं

Pitra Dosh Upay: लोग अपने पूर्वजों को खुश करने के लिए कई सारे उपाय करते है। पूजा-पाठ से लेकर पिंडदान तक। इससे लोगों की मान्यता है कि ऐसा करने से पूर्वज बहुत खुश होते है। उनका आशीर्वाद घर के सभी लोगों पर बना रहता है। अगर आप विशेष पूजा या पिंडदान नहीं कर पा रहे है और अपने पूर्वज को खुश करना चाहते हैं तो आप अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त कर सकते हैं।

शास्त्रों में पितृ कार्यों के लिए अमावस्या तिथि सबसे उत्तम बताई गई है। इस दिन अगर आप ये अनुष्ठान करते हैं तो आपके पूर्वज तो खुश होते ही है साथ में आपके घर में धन और वैभव का भी आगमन होता है। शास्त्रों के हिसाब से मार्गशीर्ष मास भगवान विष्णु को सबसे अधिक प्रिय मास है। मार्गशीर्ष मास में पितरों के निमित्त किए गए अनुष्ठान से पितृ प्रसन्न होकर अपने वंशजों पर आशीर्वाद बनाए रखते हैं।

अमावस्या पर पूर्वजों के लिए करें पितृ कार्य


हिन्दू धर्म ग्रंथों के मुताबिक अमावस्या के दिन पितृ कार्य करने से पितृ दोष दूर हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि ये दिन भगवान विष्णु को काफी प्रिय है। अगर आप इस दिन पितरों के निमित्त अनुष्ठान को करते हैं तो पितृ प्रसन्न होकर वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। वहीं आपको बताएं कि साल 2024 में नवंबर के आखिरी दिनों में पितृ कार्येषु अमावस्या मनाई जाएगी। ये दिन शास्त्रों में हिंदू धर्म के लिए काफी पवित्र माना जाता है।

नाराज पूर्वजों को ऐसे करें खुश

लोकल 18 से बात करते हुए हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति अपने पूर्वजों को खुश करना चाहते है तो उसको पितृ कार्येषु अमावस्या के दिन अपने पूर्वजों पितरों के निमित्त कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करने पर पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है। वह बताते हैं कि ऐसे करने से जहां पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है वहीं पूर्वजों की कृपा भी बरसती है जिससे घर में सुख-शांति का निवास होता है।

पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि श्राद्ध पक्षों में किसी कारण वश अपने पितरों के निमित्त कोई अनुष्ठान, यज्ञ नहीं कर पाए तो इस दिन करने से उनके नाराज पितृ प्रसन्न हो जाएंगे और अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे

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