केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 7 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ एक्शन लिया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर एक्सप्लोसिव्स की धड़ल्ले से अवैध बिक्री हो रही थी। इसके चलते CCPA ने इनमें से कुछ पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। उसके बाद इन प्लेटफॉर्म्स ने अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक पदार्थों की अवैध बिक्री करने वाले करीब 3,900 विक्रेताओं को हटा दिया। CCPA की जांच के दायरे में इंडियामार्ट, ट्रेडइंडिया, डायल4ट्रेड, जस्टडायल, सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया, एक्सपोर्ट्सइंडिया और आईबायकेमिकल्स हैं।
CCPA ने नियामकीय उल्लंघनों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए सभी 7 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। CCPA ने एक बयान में कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ता सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और जिम्मेदार ई-कॉमर्स गतिविधियों को मजबूत करना है।
इन 7 प्लेटफार्म्स पर कई विक्रेता अमोनियम नाइट्रेट, बारूद, पिक्रिक एसिड और पेंटाएरीथ्रिटॉल टेट्रानाइट्रेट (PETN) सहित विस्फोटक पदार्थों की अवैध बिक्री करते पाए गए। CCPA का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने नियमों के उल्लंघन के मामले में 3,940 विक्रेताओं और लिस्टिंग एंट्रीज को हटाने की डिटेल उपलब्ध कराई है। CCPA अब तक 2 प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ 3 मामलों में अंतिम आदेश जारी कर चुका है।
किन कंपनियों पर लगा जुर्माना
अमोनियम नाइट्रेट की बिक्री के मामले में डायल4ट्रेड और अमोनियम नाइट्रेट व PETN की बिक्री के मामले में एक्सपोर्ट्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड) पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, एक्सपोर्ट्सइंडिया पर पिक्रिक एसिड की बिक्री के मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। CCPA ने बताया कि 3 मामलों की जांच जारी है।
सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अमोनियम नाइट्रेट, PETN और पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन लिस्टिंग, उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने, विज्ञापन करने और उनकी बिक्री में मदद करने के मामले में जांच की जा रही है। इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड की कंपनी ट्रेडइंडिया के खिलाफ पिक्रिक एसिड और PETN की ऑनलाइन लिस्टिंग, उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने, विज्ञापन करने और उनकी बिक्री में मदद करने के मामले की जांच हो रही है। वहीं, आईबायकेमिकल्स के खिलाफ पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन लिस्टिंग, उसे अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने, विज्ञापन करने और उसकी बिक्री में मदद करने के मामले में जांच चल रही है।
नियामक ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020; विस्फोटक अधिनियम और अमोनियम नाइट्रेट नियम, 2012 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की है। मौजूदा नियमों के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रेगुलेटेड और खतरनाक विस्फोटक पदार्थों की अनाधिकृत लिस्टिंग, उन्हें उपलब्ध कराने, विज्ञापन करने और उनकी बिक्री में मदद करने पर रोक है।