पिछले 24 घंटे में 80 घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जो बाद में गलत साबित हुई। इससे हजारों मुसाफिरों और सिक्योरिटी एजेंसियों को न सिर्फ परेशानी का सामना करना पड़ा, बल्कि एयरलाइंस को भी काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। दो पूर्व एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, इन फर्जी धमकियों की वजह से एयरलाइंस को तकरीबन 600 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि सिर्फ 22 अक्टूबर को इंडिगो और एयर इंडिया की तकरीबन 13-13 फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके अलावा, आकाश एयर की 12 से भी ज्यादा फ्लाइट्स और विस्तारा की 11 फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके अलावा, इंडिगो, एयर इंडिया और विस्तारा की 30 फ्लाइट्स को 21 अक्टूबर को धमकी मिली थी।
कुल 9 दिनों में भारतीय एयरलाइंस की 170 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। ऐसी ज्यादातर धमकियां सोशल मीडिया के जरिये मिली हैं और इस वजह से कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स के रूट में भी बदलाव करना पड़ा है। एक घरेलू एयरलाइन के फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम करने वाले एक एंप्लॉयी ने बताया कि किसी घरेलू फ्लाइट के बाधित होने पर औसत 1.5 करोड़ रुपये की क्षति होती है, जबकि इंटरनेशनल फ्लाइट के मामले में यह आंकड़ा तकरीबन 5-5.5 करोड़ रुपये बैठता है।
उन्होंने बताया कि एक अनुमानित गणना के मुताबिक, एक घरेलू या इंटरनेशनल फ्लाइट बाधित होने के कारण औसतन 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ होगा। इस तरह से 170 करोड़ रुपये से ज्यादा फ्लाइट्स में बाधा पहुंचने की वजह से कुल घाटा तकरीबन 600 करोड़ रुपये होगा। उनके मुताबिक, अनुमान मोटे तौर पर लगाए गए हैं और उसमें कम और ज्यादा चौड़ाई वाले विमानों और उड़ान की अवधि जैसे अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखना होता है।