HDFC Bank पर अमेरिका में केस, भारत में शेयर धड़ाम, टूटकर आया एक साल के निचले स्तर पर

HDFC Bank Share Price: एचडीएफसी बैंक के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा हुआ तो उसकी आंच घरेलू मार्केट में भी महसूस हुई और इसके शेयर झुलसकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए। जानिए एचडीएफसी बैंक पर अमेरिका में कैसा केस हुआ है जिसके चलते निवेशकों के मन में घबराहट बनी और इसे लेकर बैंक का क्या कहना है

अपडेटेड Aug 27, 2026 पर 2:09 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google

HDFC Bank Shares: देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज बिकवाली का तेज दबाव दिखा। इसकी वजह ये है कि अमेरिका में बैंक और इसके कुछ सीनियर अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर हुआ है। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक पर भ्रामक डिस्क्लोजर्स और गवर्नेंस से जुड़ी खामियों के जरिए अमेरिकी सिक्योरिटीज मार्केट के कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। इसकी आंच में बैंक के शेयर झुलस गए। फिलहाल बीएसई पर यह 1.49% की गिरावट के साथ ₹716.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.35% उछलकर ₹710.00 तक आ गया था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

किस मामले में फंसा HDFC Bank

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक निवेश ज्वलंत नटवरलाल सोनेजी ने 13 अगस्त को न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में बैंक और इसके दो सीनियर अधिकारियों के खिलाफ सिक्योरिटीज फ्रॉड का क्लास-एक्शन केस दर्ज कराया है। यह केस उन निवेशकों की तरफ से किया गया है जिन्होंने 17 जुलाई, 2023 और 26 मई, 2026 के बीच एचडीएफसी बैंक की सिक्योरिटीज खरीदे थे। इसमें आरोप लगाया है कि बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को जो पेमेंट किया, उसे मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया। आरोपों के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया ताकि बाकी डिपॉजिटर्स की तुलना में अधिक ब्याज दिया जा सके।


क्या कहना है एचडीएफसी बैंक का

एचडीएफसी बैंक के एक प्रवक्ता का कहना है कि शेयर प्राइस गिरने के बाद अमेरिका में शेयरहोल्डर्स के ऐसे केस आम बात हैं और अमेरिका में लिस्टेड कई कंपनियों को हर साल ऐसे मुकदमों का सामना करना पड़ता है। प्रवक्ता का कहना है कि जो आरोप लगाए हैं, उनमें कोई दम नहीं है और बैंक मजबूती से अपना बचाव करेगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,020.35 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.42% फिसलकर आज 27 अगस्त 2026 को ₹710.00 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Tata Power धड़ाम, ₹4700 करोड़ के झटके पर टूटा शेयर, प्वाइंटवाइज समझें पूरा मामला

Nvidia के धमाकेदार रिजल्ट, बदला निवेशकों का सवाल, भारतीय आईटी कंपनियों के लिए ये है मतलब

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।