Bond Market: बॉन्ड मार्केट में अचानक बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि अमेरिका की 10-साल वाले ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5% के स्तर के करीब पहुंच गई। यह वह स्तर है जो इससे पहले अक्टूबर 2023 में सिर्फ थोड़े समय के लिए दिखा था और साल 2007 के बाद से यह लेवल इससे पहले कभी भी क्लोजिंग बेसिस पर नहीं दिखा था। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के बॉन्ड मार्केट बढ़ते सरकारी कर्ज और एनर्जी की ऊंची कीमतों का दबाव झेल रहे हैं। यूके में 30-साल वाले बॉन्ड की यील्ड साल 1998 के बाद के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई तो जर्मनी और फ्रांस में भी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के हाई लेवल पर पहुंच गई।
इस कारण बढ़ा दबाव और अब आगे क्या है रुझान
अमेरिकी ट्रेजरी ने पिछले हफ्ते करीब $600 करोड़ के बॉन्ड वापस खरीदने यानी बायबैक की बात कही थी लेकिन उसने केवल $514 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। इससे मार्केट को झटका लगा और यील्ड उछल पड़ा। अभी आगे बॉन्ड बायबैक की जो योजना है, उसके तहत मिनिमम साइज को ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹400 किया गया है लेकिन मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि वास्तव में खरीदारी होती कितनी है।
बॉन्ड मार्केट पर दबाव और बढ़ सकता है क्योंकि अमेरिकी ट्रेजरी के कई बड़े होल्डर्स इसे बेचने की तैयारी कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग की 12 सितंबर की Banco Santander SA के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक जापान का गवर्नमेंट पेंशन इंवेस्टमेंट फंड ₹6200 करोड़ तक के अमेरिकी ट्रेजरी बेच सकता है। इससे पहले पिछले महीने इंवेस्टमेंट फंड की बैठक में विदेशी बॉन्ड्स में अपने निवेश पर दोबारा विचार करने और उसकी जगह घरेलू कर्ज में निवेश बढ़ाने की बात हुई थी। सबसे अधिक $1 लाख करोड़ से अधिक के यूएस ट्रेजरी जापान के पास हैं और इसने जुलाई के आखिरी दिनों से अगस्त तक अपनी करेंसी येन को मजबूत बनाए रखने के लिए करीब $10 हजार करोड़ खर्च कर दिए। कई वर्षों तक ब्याज दरें सबसे निचले स्तर पर रखने के बाद बैंक ऑफ जापान ने इसे बढ़ाना शुरू कर दिया जिससे जापान की 10-साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 3% हो गई जो 1996 के बाद पहली बार हुआ है। बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें अनुमान से अधिक स्पीड से बढ़ाने के आसार और सरकारी खर्च से जुड़ी चिंताओं ने इसमें चाबी भरी है।
दुनिया का सबसे बड़ा सोवरेन वेल्थ फंड भी इस रेस में आने वाला है और नॉर्वे के $2.3 लाख करोड़ के फंड की योजना अपनी $21.5 हजार करोड़ की होल्डिंग्स में से करीब $8 हजार करोड़ की यूएस ट्रेजरी बेचने की है। नॉर्गेस बैंक इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट का इरादा सरकारी बॉन्ड्स के अलावा अन्य प्रकार के डेट में अपना निवेश बढ़ाने का है।
अमेरिकी फेड की बढ़ी मुश्किलें
बुधवार को अमेरिकी फेड के फैसले से पहले बढ़ती यील्ड के साथ-साथ महंगाई और एनर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी ने फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले शुक्रवार को आए महंगाई के आंकड़ों के बाद इस बात के आसार 90% हो गए हैं कि अमेरिकी फेड ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है।
ब्रांडीवाइन ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट की ट्रेसी चैन का मानना है कि मीडियम-टर्म में यील्ड और बढ़ेगी और यह 5% के निशान से ऊपर जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दरों के मामले में फेड पीछे चल रहा है। स्टॉक मार्केट पर इसके असर की बात करें तो तो यील्ड बढ़ने पर बॉन्ड मार्केट अधिक आकर्षक हो सकता है क्योंकि यहां फिक्स्ड इनकम रिटर्न मिल सकता है।
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